गुणवत्तापूर्ण शिक्षणासाठी ब्रिटिश कौन्सिलची मदत घेणार - शालेय शिक्षण मंत्री प्रा.वर्षा गायकवाड

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ब्रिटिश कौन्सिलच्या शिष्टमंडळाने घेतली शिक्षणमंत्र्यांची भेट

मुंबई, दि. 11 : मागील अनेक वर्षांपासून ब्रिटीश कौन्सिल राज्य शासनाच्या शालेय शिक्षण विभागाबरोबर काम करीत आहे. येणाऱ्या काळात विद्यार्थ्यांचा अभ्यासक्रम, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण यासाठी सुद्धा शालेय शिक्षण विभाग ब्रिटीश कौन्सिलची मदत घेणार असल्याचे शालेय शिक्षण मंत्री प्रा. वर्षा गायकवाड यांनी सांगितले.
ब्रिटीश कौन्सिल इंडियाच्या संचालक बार्बरा विकहॅम, पश्चिम भारताचे सहायक संचालक वेनॉर्न डिसूझा आणि पश्चिम भारतासाठी शाळांचे संपूर्ण काम पाहणाऱ्या उर्वी शहा यांनी शालेय शिक्षण मंत्री प्रा.गायकवाड यांची मंत्रालयात भेट घेतली.

शिक्षणात मागील अनेक वर्षांपासून ब्रिटिश कौन्सिलच्या माध्यमातून राज्यातील शिक्षकांना इंग्रजी भाषेचे प्रशिक्षण देण्यात येत आहे. गुणवत्तापूर्ण शिक्षणासाठी टाटा ट्रस्टच्या सहकार्याने ब्रिटिश कौन्सिल राज्यातील शिक्षकांना प्रशिक्षण देत असून याचा फायदा विद्यार्थ्यांना होत आहे. विद्यार्थ्यांमध्ये गणित, इंग्रजी, विज्ञान या विषयांची असलेली भीती दूर करण्यासाठी तसेच नवीन उपक्रमातून विद्यार्थ्यांना गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कसे मिळेल यासाठी वेगवेगळ्या उपक्रमातून या संस्थेची मदत घेण्यात येणार असल्याचेही प्रा.गायकवाड यांनी सांगितले.

प्रा.गायकवाड म्हणाल्या, नंदुरबार, नाशिक, औरंगाबाद, बीड, हिंगोली, गडचिरोली, यवतमाळ, अमरावती आणि नागपूर येथेही ब्रिटीश कौन्सिलने राबविलेल्या उपक्रमांना यश आले असून या जिल्ह्यातील विद्यार्थ्यांना याचा फायदा होत असल्याचे दिसून येत असल्याने अधिकाधिक ग्रामीण भागातील शाळांतील विद्यार्थ्यांना फायदा होण्यासाठी ब्रिटीश कौन्सिलची मदत घेण्यात येणार आहे.

यावेळी उपस्थित शिष्टमंडळाने ब्रिटीश कौन्सिलमार्फत राबवण्यिात येणारे उपक्रम याबाबतची माहिती दिली. ब्रिटीश कौन्सिल आणि टाटा ट्रस्ट यांच्या मदतीने महाराष्ट्रात इंग्रजीचे ज्ञान देण्यासाठी तेजस (technology enabled education through joint action and strategic initiatives) आणि चेस (continuous help to the teachers of English from secondary) या कार्यक्रमाच्या माध्यमातून शिक्षकांना प्रशिक्षण देण्यात येत आहे.


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ब्रिटिश काउंसिल प्रतिनिधिमंडल- शिक्षा मंत्री का दौरा
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए ब्रिटिश काउंसिल की मदद लेंगे
- प्रा. वर्षा गायकवाड

मुंबई दि.11: पिछले कई वर्षों सेब्रिटिश काउंसिल राज्य के स्कूली शिक्षा विभाग के साथ काम कर रही है। आने वाले दिनों में छात्रों की पाठ्यक्रमगुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ब्रिटिश काउंसिल की मदद लेगा ऐसा स्कूल शिक्षा मंत्री प्रा. प्रा. वर्षा गायकवाड़ ने बताया।

ब्रिटिश काउंसिल इंडिया के निदेशक बार्बरा विकहॅमपश्चिम भारत के सहायक निदेशक वेनॉर्न डिसूझा और पश्चिमी भारत के स्कूलों का पूरा काम देखने वाली उर्वी शाह ने स्कूल शिक्षा मंत्री प्रा. गायकवाड़ से मंत्रालय में मुलाक़ात की।

शिक्षा में पिछले कई वर्षों सेब्रिटिश काउंसिल के माध्यम से राज्य में शिक्षकों को अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए टाटा ट्रस्ट के सहयोग से ब्रिटिश काउंसिल राज्य में शिक्षकों को प्रशिक्षित कर रही है और इससे छात्रों को लाभ मिल रहा है।  इस संस्थान के प्रोफेसरों को छात्रों में गणितअंग्रेजीविज्ञान की आशंकाओं को दूर करने के लिए विभिन्न गतिविधियों में भी मदद की जाएगी और साथ ही छात्रों को नई गतिविधियों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिलेगी इसके लिए विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से इस संगठन की मदद ली जाएगी ऐसा प्रा. गायकवाड ने कहा।

प्रा. गायकवाड़ ने कहा कि नंदुरबारनासिकऔरंगाबादबीडहिंगोलीगढ़चिरौलीयवतमालअमरावती और नागपुर में ब्रिटिश काउंसिल द्वारा कार्यान्वित कार्यक्रम सफल रहे हैं और चूंकि इस जिले के छात्र इससे लाभान्वित होते हैंइसलिए अधिक ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों के छात्रों को लाभान्वित करने के लिए ब्रिटिश काउंसिल की मदद ली जाएगी।

इस दौरान वर्तमान प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटिश काउंसिल द्वारा कार्यान्वित की जाने वाली गतिविधियों के बारे में बताया। ब्रिटिश काउंसिल और टाटा ट्रस्ट की सहायता सेशिक्षकों को महाराष्ट्र में अंग्रेजी का ज्ञान प्रदान करने के लिए तेजस (technology enabled education through joint action and strategic initiatives) और चेस  (continuous help to the teachers of English from secondary) कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
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British Council delegation meets  Education Minister
British Council's assistance will be sought for meritorious education

- Prof. Varsha Gaikwad

Mumbai, date.11th: British Council is working with the State Government's School Education Department for some few years. School Education Department will seek British Council's assistance for syllabus and meritorious education in future, informed School Education Minister Prof. Varsha Gaikwad.

Barbara Wickham, Director of British Council India, Venorn D'souza, Assistant Director of West India zone and Urvi Shah, administrator of all schools in West India zone visited School Education Minister Prof. Gaikwad in Mantralaya.

Teachers in the state are provided English language training through the British Council. British Council in collaboration with Tata Trust trains teachers for meritorious education. Students benefit from it. This organization's help will be taken to eradicate the fear of math, English and science in students and to start new innovative initiatives for meritorious education, told Prof. Gaikwad.

Prof. Gaikwad said that the British Council's initiatives at Nandurbar, Nashik, Aurangabad, Beed, Hingoli, Gadchiroli, Yavatmal, Amravati and Nagpur have been a great success. As these initiatives have proven to be effective, the British Council's help will be sought in a rural area so more students can benefit.

The present delegation briefed on initiatives started by the British Council. Teachers are provided training through TEJAS (Technology enabled education through joint action and strategic initiatives) and CHESS (continuous help to the teachers of English from secondary), a joint collaboration of British Council and Tata Trust.

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