वृक्षलागवड मोहिमेमध्ये स्वयंसेवी संस्थांचा सहभाग महत्त्वाचा - सुधीर मुनगंटीवार

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मुंबई दि. 8 -वैश्विक उष्णतेमध्ये होणारी वाढ हवामानातील बदल यांची तीव्रता कमी करण्यासाठी 33 कोटी वृक्ष लागवड मोहिमेमध्ये शासनाचे विविध विभाग व जनतेच्या सहभागाबरोबरच स्वयंसेवी संस्थांचा सहभाग महत्त्वाचा असल्याचे प्रतिपादन वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार यांनी केले.


सह्याद्री अतिथीगृहात 33 कोटी वृक्ष लागवडीच्या निमित्ताने वनमंत्री श्री. मुनगंटीवार समाजातील सर्व घटकांची बैठक घेऊन त्यांना वृक्ष लागवड मोहिमेमध्ये सहभागी होण्याचे आवाहन करीत आहेत. त्याचाच एक भाग म्हणून  काल त्यांनी राज्यातील वन व पर्यावरण क्षेत्रात काम करणाऱ्या विविध स्वयंसेवी संस्थांच्या  प्रतिनिधींची बैठक घेतली.  यावेळी वन विभागाचे प्रधान सचिव विकास खारगे ,वन विभागाचे इतर अधिकारी व विविध स्वयंसेवी संस्थांचे प्रतिनिधी उपस्थित होते.

     
श्री. मुनगंटीवार म्हणाले आपण सर्वजण  वन व पर्यावरण क्षेत्रात योगदान देणारे पर्यावरणाचे दूत  आहात. त्यामुळे या वृक्ष लागवड मोहिमेमध्ये आपला सहभाग महत्त्वाचा आहे. आपण समाजामध्ये वृक्ष लागवड हा सर्वांचा सहज भाव झाला पाहिजे यासाठी प्रयत्न करावा. वन है तो जल है और जहाँ जल है  वही मनुष्य का कल हैअसे सांगून त्यांनी मानवी जीवनाच्या प्रगतीत वन किती महत्त्वाचे आहे हे अनेक उदाहरणांतून अधोरेखित केले.   आज जगात भौतिक प्रगतीबरोबर त्या देशाचा आनंद निर्देशांक किती आहे याला महत्त्व दिले जात आहे. हा आनंद धनात नाही तर वनात मिळणार आहे हेही त्यांनी स्पष्ट केले.

वृक्ष माणसाला जगवतात, प्राणवायू देतात, फळ,फूल, सावली देतात. जन्मापासून मरणापर्यंत विविध रुपातून आपली सोबत करणाऱ्या, आपल्याला जगवणाऱ्या वृक्षात आपण म्हणूनच देवत्व शोधतो.  वृक्ष लागवड आणि संवर्धनातून या देवत्वाची सेवा करण्याची संधी आपल्या सर्वांना प्राप्त झाली आहे, हे ईश्वरीय कार्य तर आहेच परंतु ती आपली संविधानिक जबाबदारीही आहे असे ते म्हणाले.

स्वयंसेवी संस्थांना वृक्ष लागवड मोहिमेमध्ये ज्या अडचणी येतील त्या सोडविण्यासाठी वन विभागाचे  अधिकारी आपल्याला पूर्ण सहकार्य करतील अशी ग्वाही श्री. मुनगंटीवार यांनी दिली. राज्यातील दुष्काळावर कायमस्वरूपी मात करण्यासाठी वनसंपदा महत्त्वाची आहे. त्यासाठी या मोहिमेमध्ये आपण सर्वांनी मोठ्या प्रमाणात सहभागी व्हावे. 1926 ही वन विभागाची हेल्पलाईन आहे. वन, वन्यजीव संरक्षण आणि संवर्धनात या माध्यमातून  वन विभागाला सहकार्य करा, स्वतःसह संस्थेतील सर्व पदाधिकारी आणि सदस्यांना हरित सेनेचे सदस्य होण्यासाठी प्रेरित करा, असे आवाहन श्री.मुनगंटीवार यांनी केले.

यावेळी श्री. खारगे म्हणाले स्वयंसेवी संस्थांनी व त्यांच्या प्रतिनिधींनी केलेली वृक्ष लागवड वन विभागाच्या संकेतस्थळावर अक्षांश रेखांशासह नोंदवावी जेणेकरून त्यांनी लावलेल्या वृक्षांची शासनाकडे नोंद होईल.

सुरुवातीला बैठकीत वन विभागाच्या वरिष्ठ अधिकाऱ्यांनी 33 कोटी वृक्ष लागवडीच्या अनुषंगाने सादरीकरण केले व वृक्ष लागवड मोहिमेची माहिती दिली.
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Participation of NGOs is very important in tree plantation campaign
                                                - Sudhir Mungantiwar


       Mumbai 8.June : “Participation of NGO along with various government departments and the people is very important in the 33 crore tree planting campaign to reduce the intensity of global warming and climate change” said Sudhir Mungantiwa, Minister of Forest.
       He was speaking in a meeting oranised on the occasion of33 crores of trees plantation mission at Sahyadri Guest House. As a part of this, he convened a meeting of representatives of various NGOs working in forest and environment in the state. At present, the Principal Secretary of Forest Department Vikas Kharage, other forest officials and representatives of various NGOs were present.
       Mr. Mungantiwar said that people involvement in this tree planting campaign is important. We should strive for the quality of planting of trees in society.  Conservation of forest is important to conserve water.  He underlined how important the forest is in the progress of human life. Happiness Index is as important as other development and forest can pour happiness in human life.
       “The tree gives oxygen, fruit, flowers and shades to us.  All of us have got the opportunity to serve this god through tree planting and conservation, it is also the divine work but it is also our constitutional responsibility” said Minister of Forest.
He promised that Mr. Officers of Forest Department will help the NGOs to solve the difficulties in tree plantation campaign. Mungantiwar said. Forestry is important to overcome the drought in the state permanently. For this, we all should participate in this campaign for a large part of this campaign. 1926 is the forest department's helpline. Cooperate with the forest department through forest, wildlife conservation.
         At this time Mr. Kharage said that NGOs and their representatives should register tree plantation with the latitude lines on forest department's website so that they will be registered with the number of the trees.
       Senior officers of forest department give a presentation on 33 crores tree plantation programme and provided information about the campaign.
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वृक्षारोपण अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान
- सुधीर मुनगंटीवार


     मुंबई दि.  8- ग्लोबल वार्मिंग से हो रही तापमान में वृद्धि की तीव्रता को कम करने के लिए 33 करोड़ वृक्ष लगाने की मुहिम में विभिन्न सरकारी विभागों और जनता की भागीदारी के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं का सहभाग महत्वपूर्ण है , यह बात वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कही।  

       33 करोड़  वृक्ष लगाए जाने के निमित्त वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार सह्याद्रि अतिथिगृह में समाज के सभी घटकों की बैठक लेकर उनसे  वृक्षारोपण अभियान में भाग लेने की अपील कर रहे हैं।  इसके एक भाग के रूप में,  कल उन्होंने राज्य में वन और पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की एक बैठक बुलाई।  इस अवसर पर वन विभाग के प्रधान सचिव विकास खारगे,  वन विभाग के अन्य अधिकारी और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं   के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

       श्री  मुनगंटीवार ने कहा कि वन और पर्यावरण क्षेत्र में योगदान करने वाले हम सभी पर्यावरण दूत हैं ।  इसलिए इस वृक्षारोपण अभियान में हमारी भागीदारी महत्वपूर्ण है।  समाज में वृक्षारोपण सभी का  सहज भाव होना चाहिए ।  वन है तो जल है और जहाँ जल है  वही मनुष्य का कल है यह कहते हुए उन्होंने कई उदाहरण देकर यह स्पष्ट किया कि जीवन की प्रगति में वनों का कितना महत्व है ।  आज दुनिया में किसी देश की भौतिक प्रगति के साथ-साथ उस देश का  आनंद सूचकांक कितना है इस बात को महत्व दिया जाता है।  उन्होंने कहा कि यह आनंद धन में नहीं बल्कि वन  में प्राप्त होगा , उन्होंने स्पष्ट किया

       वृक्ष  इंसान का पालन करते हैं  , उन्हें  ऑक्सीजन, फल, फूल और छाया देते हैं।  जन्म से लेकर मृत्यु तक विभिन्न रूपों में वे हमारे साथ हैं, इसलिए हम उनमें देवता का रूप देखते हैं।   हम सभी को वृक्षारोपण और वृक्षों के संरक्षण के माध्यम से इस देवता  की सेवा करने का अवसर मिला है, यह ईश्वरीय कार्य तो है ही लेकिन यह हमारी संवैधानिक जिम्मेदारी भी है , उन्होंने कहा

       स्वयंसेवी संस्थाओं को वृक्षारोपण अभियान में जो कठिनाइयाँ आयेंगी उनको  हल करने में वन विभाग के अधिकारी पूरा  सहयोग करेंगे , श्री मुनगंटीवार ने  यह आश्वासन दिया।  राज्य में सूखे पर स्थायी रूप से जीत पाने के लिए  वन संपदा महत्वपूर्ण है।  इसके लिए हम सभी को इस अभियान में बड़ी संक्या में  भाग लेना चाहिए।  1926 वन विभाग की हेल्पलाइन है।  वन, वन्यजीव संरक्षण और संरक्षण में इस  माध्यम से वन विभाग के साथ सहयोग करें, संस्थाओं के सभी पदाधिकारियों और  सदस्यों को हरित सेना का सदस्य बनने के लिए प्रेरित करें , ऐसा आवाहन श्री मुनगंटीवार ने किया। 

       इस अवसर पर श्री  खारगे  ने कहा कि स्वयंसेवी संगठनों और उनके प्रतिनिधियों के द्वारा किये जाने वाले वृक्षारोपण की जानकारी  वन विभाग की वेबसाइट पर अक्षांश रेखाओं  के साथ  पंजीकृत करना चाहिए ताकि उनके द्वारा लगाए गये के पेड़ों का सरकार के पास जानकारी हो। 
       बैठक के शुरू में  वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने 33 करोड़ वृक्षों के लगाये जाने के संदर्भ में एक प्रस्तुति दी और वृक्षारोपण अभियान के बारे में जानकारी दी।

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