महालक्ष्मी मंदिर तसेच बाणगंगा मंदिर परिसराचा होणार कायापालट

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पालकमंत्री सुभाष देसाई यांनी घेतला प्रस्तावित सुधारणांचा आढावा

मुंबई, दि. 11 : मुंबईतील सुप्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर तसेच बाणगंगा मंदिर परिसराचा कायापालट केला जाणार आहे. यासंदर्भात उद्योगमंत्री तथा मुंबईचे पालकमंत्री सुभाष देसाई यांच्या अध्यक्षतेखाली नुकतीच मंत्रालयात संबंधित विभागाच्या अधिकाऱ्यांसमवेत बैठक घेण्यात आली. यावेळी मंदिर परिसरातील प्रस्तावित सुधारणांचा आढावा घेण्यात आला.

महालक्ष्मी मंदिर परिसरात दररोज दहा हजारांहून अधिक भाविक दर्शनासाठी येतात. तर नवरात्री उत्सवात येणाऱ्या भाविकांची संख्या रोजची लाखापलीकडे असते. त्यांना मूलभूत सुविधा उपलब्ध व्हाव्यात, यावर आजच्या बैठकीत चर्चा करण्यात आली. भाविकांसाठी सभागृह, प्रतिक्षा दालन उभारणे, चप्पल स्टँड, सरकते जिने बसविणे, अतिक्रमण रोखण्यासाठी कुंपन भिंत मजबूत करणे, मंदिरात जाण्यासाठी असलेला मार्ग प्रशस्त करणे, याशिवाय किनारपट्टीकडील भागात रस्ता करण्यासाठी कोस्टलरोड प्रशासनास आवाहन करणे, मंदिरात येणाऱ्या भाविकांना देवीच्या दर्शनासाठी प्रवेश व बाहेर पडण्यासाठी रस्ता तयार करणे आदी विषयांवर चर्चा करण्यात आली. किनाऱ्यालगतच्या पात्र झोपड्यांचे स्थलांतर करण्यावर यावेळी चर्चा करण्यात आली. मंदिर परिसरातील दुकाने एका रांगेत आणण्याचे काम हाती घेण्यात आले असून यासाठी मुंबई महापालिका निधी उपलब्ध करून देणार आहे. सध्याच्या प्रसाधनगृहांची पुनर्बांधणी करण्याचे विश्वस्त संस्थेने यावेळी मान्य केले.

या शिवाय बाणगंगा देवस्थान परिसरातील अतिक्रमणे पुरातत्व विभाग, महापालिका, पोलिस प्रशासन व जिल्हा प्रशासन यांच्या मदतीने काढण्याच्या सूचना यावेळी करण्यात आल्या. यापुढील काळात अतिक्रमण होऊ नयेत, यासाठी पुरातत्व विभागाने कडक सुरक्षा व्यवस्था तैनात करावी, असे यावेळी सूचवण्यात आले.

बाणगंगा हे तिर्थाटन असल्याने मंदिराचा जिर्णोद्धार करून संरक्षक भिंत, रस्ते, साफसफाईचे काम हाती घेण्याच्या सूचना यावेळी करण्यात आल्या. या शिवाय बाणगंगा तलावातील पाण्याचे शुद्धीकरण केले जाणार आहे. त्यासाठी संबंधित विभागाच्या अधिकाऱ्यांना सूचना करण्यात आल्या. बाणगंगा तलाव परिसरात अतिक्रमण झालेल्या झोपड्यांमधील अवैध वीज जोडण्या बेस्टने रद्द करणे, आरपीजी फाऊंडेशनच्यावतीने या भागाचे सौंदर्यीकरण करण्यासंदर्भात माहिती देण्यात आली.

यावेळी मुंबई महापालिकेचे अधिकारी, जिल्हाधिकारी शिवाजी जोंधळे, पुरातत्व विभागाचे अधिकारी, वारसा वास्तू संवर्धन क्षेत्रातील जाणकार वास्तुतज्ज्ञ श्रीमती आभा लांबा तसेच बाणगंगा आणि महालक्ष्मी मंदिर विश्वस्त संस्थेचे प्रतिनिधी उपस्थित होते.
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पालकमंत्री  सुभाष देसाई ने प्रस्तावित सुधारों की समीक्षा की
महालक्ष्मी मंदिर और बाणगंगा मंदिर क्षेत्र का होगा कायापलट

मुंबई, दि. 11: मुंबई के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर और बाणगंगा मंदिर क्षेत्र का कायापलट किया जाएगा। इस संदर्भ में  हाल ही में उद्योग मंत्री और मुंबई के पालकमंत्री सुभाष देसाई की अध्यक्षता में मंत्रालय में संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई।  इस अवसर पर मंदिर क्षेत्र में होने वाले प्रस्तावित सुधारों की समीक्षा की गई ।
महालक्ष्मी मंदिर परिसर में हर दिन 10 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।  नवरात्रि उत्सव में  यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं  की संख्या प्रति दिन एक लाख से भी अधिक होती है। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों , इस पर आज की बैठक में चर्चा की गयी।  श्रद्धालुओं के लिए सभागृह का निर्माण, प्रतीक्षागृह बनाना, चप्पल स्टैंड की स्थापना, एक्सिलरेटर स्टेयर्स बनाना ,   अतिक्रमण को रोकने के लिए दीवार को मजबूत करना, मंदिर जाने का रास्ता चौड़ा करना , इसके अलावा तटीय क्षेत्र की ओर सड़क बनाने के लिए कोस्टल रोड प्रशासन से आवाहन करना, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं  को देवी दर्शन के लिए प्रवेश करने और बाहर निकलने के लिए सड़क का निर्माण करना आदि विषयों पर चर्चा की गई।इस अवसर पर समुद्र तट की ओर की पात्र झोपड़ियों के स्थलांतर पर चर्चा की गई।  मंदिर परिसर में दुकानों को एक कतार में लाने का काम  किया जाना है ,  इसके लिए निधि मुंबई महानगर पालिका प्रदान करेगी।  ट्रस्टियों ने मौजूदा प्रसाधनगृहों के पुनर्निर्माण करने की बात मान्य की।
 इसके अलावा बाणगंगा मंदिर क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को  पुरातत्व विभाग, महापालिका, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की मदद से हटाने के निर्देश इस अवसर पर दिए गए ।  इस अवसर पर यह सूचना दी गयी कि इसके बाद और  अतिक्रमण न हो इसके लिए  पुरातत्व विभाग को एक मजबूत सुरक्षा व्यवस्था तैनात करनी चाहिए।
 चूंकि बाणगंगा एक तीर्थ है, इसलिए मंदिर का जीर्णोद्धार कर, संरक्षक दीवार, सड़कें और सफाई के काम शुरू करने  के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।  इसके अलावा बाणगंगा झील के पानी का शुद्धीकरण  किया जाएगा।  इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश  दिए गए ।  बाणगंगा झील क्षेत्र में अतिक्रमण कर बनायी गयी झोंपड़ियों   में अवैध बिजली कनेक्शनों को बेस्ट द्वारा रद्द करने, आरपीजी फाउंडेशन की ओर से इस क्षेत्र के सौंदर्यीकरण किये जाने  के बारे में जानकारी दी गयी।

इस अवसर पर मुंबई महापालिका के अधिकारी, जिलाधिकारी शिवाजी जोंधळे, पुरातत्व विभाग के अधिकारी, पुरातत्व वास्तु संवर्धन क्षेत्र के  जानकार वास्तु विशेषज्ञ श्रीमती आभा लांबा तथा बाणगंगा और महालक्ष्मी मंदिर ट्रस्ट के  प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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Guardian Minister Subhash Desai Reviewed the Proposed Reforms
Mahalaxmi Temple and Banganga Temple Area will be Reincarnated
Mumbai, June 11: The famous Mahalaxmi temple and the Banganga Temple area of Mumbai will be reincarnated.  In this context, recently a meeting was held with the officials of the concerned department in the Mantralaya under the Chairmanship of Industries Minister and Guardian Minister of Mumbai Subhash Desai.  On this occasion, the proposed reforms in the temple area were reviewed.
            More than 10 thousand devotees come to the Mahalaxmi Temple complex every day for Darshan.  The number of pilgrims coming here in Navratri festival is more than one lakh per day.  The basic amenities to be available to the pilgrims coming here , were discussed in today's meeting. 
To build the hall for the devotees, construction of waiting hall, to set up shoes and slippers stand, making of accelerator stairs, strengthen the wall to prevent encroachment, widen the path of going to the temple, besides this to appeal the Coastal Road Administration to construct roads towards coastal area ,  to construct roads  for the devotees who come to the temple for Devi Darshan  to enter and to exit. All these points were discussed .  
 On this occasion it was discussed to relocate the the eligible huts from the beach side.   The work of bringing shops in a queue in the temple complex is to be done, the fund for this will be provided by the Mumbai Municipal Corporation. The Trustees agreed to the reconstruction of existing toilet facilities.
Apart from this, instructions for removal of encroachment in Banganga Mandir area with the help of Archeology Department, Municipal Corporation, Police Administration and District Administration were given on this occasion.  On this occasion, it was informed that the Archeology Department should deploy a strong security system to stop further encroachment.
  Since Banganga is a pilgrimage, therefore, instructions have been issued for the restoration of the temple, and to start construction of boundary wall, roads and cleaning work.  Apart from this, water purification of Banganga lake will be done.  For this, the officers of the concerned department were instructed.  The information wad provided about beautification of this area to be done by RPG Foundation and to cancel  illegal electricity connections in the slums constructed by encroaching in Banganga Lake area.
On this occasion, representatives of Mumbai Municipal Corporation, District Collector Shivaji Jondhale, officials of Archeology Department, specialists of Archeology Architecture Preservation field , Architecture Specialist Mrs. Abha Lamba and representatives of Banganga and Mahalaxmi temple trust were present.


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