आयुष्मान भारत योजनेत गैरप्रकार आढळल्यास राज्य आरोग्य हमी सोसायटीकडे तक्रार करण्याचे आवाहन

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मुंबई, दि 16 : दारिद्र्य रेषेखालील नागरिकांना पाच लाखापर्यंतचे वैद्यकीय उपचार मोफत मिळावे यासाठी केंद्र शासनाने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सुरू केली आहे. या योजनेचा लाभ घेण्यासाठी बनावट ई-कार्ड, जादा पैशांची मागणी तसेच अनधिकृतरित्या यादीमध्ये नाव समाविष्ट करण्याची बाब आढळून आल्यास राज्य आरोग्य हमी सोसायटीच्या संबंधित जिल्हा समन्वयक व क्षेत्रीय व्यवस्थापक यांच्याकडे तक्रार करावी, अशी माहिती राज्य आरोग्य हमी सोसायटीचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.ज्योत्स्ना पडियार यांनी दिली आहे.

आयुष्मान भारत या योजनेद्वारे प्रत्येक कुटुंबास वार्षिक रूपये पाच लक्ष इतक्या मर्यादेपर्यंत मोफत उपचार देण्यात येतात. केंद्र शासनाने सामाजिक, आर्थिक, जातनिहाय जणगणना 2011 मध्ये नोंदीत कुटुंबाचा या योजनेत समावेश केला असून या कुटूंबातील सदस्यांना संगणकीय प्रणाली मार्फत ई-कार्ड वितरित करण्यात येत आहे. सदरचे ई-कार्ड या योजने अंतर्गत अंगीकृत रूग्णालयातून मोफत तर सामान्य सेवा केंद्रातून 30 रूपये प्रतिकार्ड इतके शुल्क आकारून वितरित केले जात आहे. मात्र, संबंधित लाभार्थ्यांच्या यादीत अनधिकृतरित्या नावे समाविष्ट करणे, बनावट ई-कार्ड वितरीत करणे, त्यासाठी जादा पैसे आकारण्याचे प्रकार काही जिल्ह्यात निदर्शनास आले असून, या प्रकारास पायबंद घालण्यासाठी शासनाकडून आवश्यक त्या उपाययोजना करण्यात येत आहेत. संबंधित प्रकार आढळून आल्यास जिल्ह्यातील राज्य आरोग्य हमी सोसायटीच्या संबंधित जिल्हा समन्वयक व क्षेत्रीय व्यवस्थापक यांच्याकडे तक्रार नोंदविण्यात यावी, असे आवाहन मुख्य कार्यकारी अधिकारी यांनी केले आहे.
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आयुष्मान भारत योजना में गैरप्रकार निदर्शन में आने पर
राज्य स्वास्थ्य हमी सोसायटी की ओर शिकायत करें
- डॉ. पडियार

मुंबई, दि 16 : दारिद्र्य रेशा के नीचे के नागरिकों को पाँच लाख तक की चिकित्सा इलाज  नि:शुल्क मिले, इसके लिए केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन स्वास्थ्य योजना शुरू की है। इस  योजना का लाभ लेने के लिए बनावट ई-कार्ड, जादा रकम की मांग करने तथा अनधिकृत रूप से सूची में नाव को शामिल करने की बात निदर्शन में आने पर राज्य स्वास्थ्य हमी सोसायटी के संबंधित जिला समन्वयक और क्षेत्रीय व्यवस्थापक की ओर शिकायत करें, यह जानकारी राज्य स्वास्थ्य हमी सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. ज्योत्स्ना पडियार ने दी है।

आयुष्मान भारत इस योजना के द्वारा प्रत्येक परिवार को वार्षिक रूपए पाँच लाख इतनी सिमटा तक नि:शुल्क इलाज़ किया जाता है।  केंद्र सरकार ने सामाजिक, आर्थिक, जातिवार जणगणना वर्ष 2011 में दर्ज परिवार का इस योजना में समावेश किया है और परिवार के सदस्यों को संगणकीय प्रणाली के जरिये ई-कार्ड वितरित किया जा रहा है। इस  ई-कार्ड योजना के  अंतर्गत अंगीकृत अस्पताल से नि:शुल्क और  सामान्य सेवा केंद्र से 30 रूपए प्रतिकार्ड इतना शुल्क लगाकर वितरित किया जा रहा है। लेकिन संबंधित लाभार्थियों की सूची में अनधिकृत रूप से नाम शामिल करना, बनावट ई-कार्ड वितरित करना, इसके लिए अधिक शुल्क लेने की बातें कुछ जिलों में निदर्शन में आ रही है और इस पर लगाम लगाने के लिए सरकार की ओर से आवश्यक वह उपायोजना की जा रही है। संबंधित प्रकार निदर्शन में आने पर जिले के राज्य स्वास्थ्य हमी सोसायटी से संबंधित जिला समन्वयक और क्षेत्रीय व्यवस्थापक की ओर से शिकायत दर्ज करने का आवाहन मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने किया है।
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