वाहतूक नियमांचे पालन करुन सुरक्षित महाराष्ट्र घडवूया - मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

कोणत्याही टिप्पण्‍या नाहीत



रस्ता सुरक्षा सप्ताहाचे उद्घाटन


मुंबई, दि. 13 : राज्यात वाहतुकीचे नियम पाळून सुरक्षित महाराष्ट्र घडविण्यासाठी सर्वांनी प्रयत्न करावेत. वाहन चालकांनी वाहतुकीचे नियम स्वयंस्फूर्तीने पाळावेत. स्वत:चा आणि दुसऱ्याचाही जीव धोक्यात येणार नाही याची काळजी घ्यावी. अपघाताचे प्रमाण कमी करण्यासाठी रस्ता सुरक्षा सप्ताह अभियान एक आठवडा न पाळता वर्षभर वाहतुकीच्या नियमांसाठी दक्ष राहून शून्य टक्के अपघाताकडे लक्ष देऊन सुरक्षित महाराष्ट्र घडवूया, असे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी आज येथे सांगितले.

जमशेद भाभा थिएटर, एनसीपीए, नरिमन पॉईंट येथे परिवहन विभाग, अपर पोलीस महासंचालक (वाहतूक), महाराष्ट्र राज्य व मुंबई पोलीस वाहतूक विभाग यांच्या संयुक्त विद्यमाने 31 वा राज्य रस्ता सुरक्षा सप्ताह 2020 चे उद्‌घाटन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांच्या हस्ते करण्यात आले. यावेळी परिवहनमंत्री ॲड.अनिल परब, परिवहन राज्यमंत्री सतेज पाटील, लोकसभा सदस्य अरविंद सावंत, विधानसभा सदस्य राहुल नार्वेकर उपस्थित होते.

मुख्यमंत्री म्हणाले, पोलीस यंत्रणा नेहमीच आपल्या युनिफॉर्ममध्ये कर्तव्य बजावत असतात. म्हणून सामान्य जनता विविध उत्सव-सणांचा आनंद घेऊ शकते. या आनंदाची खरी मानकरी ही पोलीस यंत्रणाच आहे. वाहतुकीचे नियम शाळा, महाविद्यालय स्तरावर मुलांना शिकवणे आवश्यक आहे. मुलांना नियम समजल्यानंतर ते आपल्या कुटुंबियांना समजावून सांगतात. त्यासाठी मुलांना सुरक्षिततेचे नियम सांगणे आवश्यक आहे. आधुनिक तंत्रज्ञानामुळे रस्त्यावर वाहतूक पोलीस जरी दिसत नसले तरी पोलिसांचे लक्ष आपल्यावर असते. वाहन चालविताना नेहमी नियमांचे पालन करावे.

सन 2005 साली चीनचे अपघाताचे प्रमाण 94 हजार आणि भारताचे 98 हजार होते. चीनचे आता 45 हजारांवर आहे तर भारताचे 1.50 लाखांवर आहे. हे प्रमाण कमी करण्यासाठी ‘आपली सुरक्षा ही कुटुंबांची सुरक्षा’ समजून शून्य टक्के अपघाताचे उद्दिष्ट गाठण्यासाठी सर्वांनी सहकार्य करावे आणि सुरक्षित महाराष्ट्र घडवावा, असे आवाहनही श्री.ठाकरे यांनी यावेळी केले.

परिवहनमंत्री ॲड. परब म्हणाले, माणसाचे जीवन हे मेणबत्तीसारखे असते. एखादा अपघातसुद्धा माणसाची ज्योत विझवून कुटुंबावर अंधार पसरवितो. वाहतुकीसंबंधी सर्व घटकांनी आपल्या कर्तव्याचे पालन करावे. गेल्या वर्षभरात 12 हजार 556 लोक केवळ रस्ते अपघातात मृत्यू होणे हा आकडा छोटा नाही. याचे प्रमाण कमी करण्यासाठी विविध उपक्रमांतून वाहतूक नियमांची जनजागृती करणे आवश्यक आहे. स्थानिक स्वराज्य संस्था, प्रसार माध्यम, स्वयंसेवी संस्था, शाळा, महाविद्यालय यांच्या माध्यमातून जनजागृती करुन पुढील वर्षभरात 10 टक्क्यांपेक्षा अधिक अपघाताचे प्रमाण कमी करण्यासाठी प्रयत्न करुन शून्य टक्के अपघाताचे उद्दिष्ट समोर ठेवून सर्वांनी कार्य करावे.

राज्यमंत्री श्री. पाटील म्हणाले, जीवन हे महत्त्वाचे आहे. इंटरनेटचा वेग 4 जी वरुन 5 जी झाला म्हणून आपण वाहन चालवत असताना वाहनाची गती वाढवू नये. वाहतूक नियमांचे पालन करावे. नगरविकास विभागाकडून विकास नियंत्रण नियमावली तयार करताना परिवहन विभागाचा समावेश करुन विकास आराखडा तयार करावा. ट्रॅफिक सिग्नल यंत्रणेवर अधिक लक्ष द्यावे. त्यासाठी विशेष निधीची तरतूद करावी.


कार्यक्रमाला परिवहन विभागाचे प्रधान सचिव आशिष कुमार सिंह, महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडळाचे व्यवस्थापकीय संचालक रणजितसिंह देओल, परिवहन आयुक्त शेखर चन्ने, सहपोलीस आयुक्त (वाहतूक) मधुकर पांडे तसेच संबंधित अधिकारी उपस्थित होते.

दरम्यान, मुख्यमंत्र्यांच्या हस्ते रायगड, वाशिम, ठाणे या जिल्ह्याच्या जिल्हा रस्ता सुरक्षा समितीचा सत्कार करण्यात आला. कौतुकास्पद काम करणारे म्हणून तेजस्विनी हेगडे, गुरुनाथ साठेलकर, विजय भोसले, हार्दिक पाटील यांचा सत्कार करण्यात आला. तसेच ज्या चालकांनी विना अपघात 25 वर्ष सेवा केली त्यांचाही सत्कार करण्यात आला.
000
काशिबाई थोरात/वि.सं.अ./13.01.2020

सड़क सुरक्षा सप्ताह का उद्घाटन
परिवहन के नियमों का पालन करके सुरक्षित महाराष्ट्र बनाएं
'यातायात नियमों के प्रति रहें सावधान, शून्य फीसदी दुर्घटना का रखें लक्ष्य'
- मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे
            मुंबई, दिनांक 13: सभी को राज्य में परिवहन के नियमों का पालन करके महाराष्ट्र को सुरक्षित बनाने का प्रयास करना चाहिए। गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर को यातायात नियमों का पालन स्वयं से ही करना चाहिए। स्वयं का या दूसरे का जीवन खतरे में नहीं पड़े, इस पर ध्यान देना चाहिए। दुर्घटनाओं की दर को कम करने के लिए सड़क सुरक्षा सप्ताह अभियान एक सप्ताह तक ही न मनाते हुए पूरे वर्ष भर यातायात नियमों का पालन करने के प्रति सतर्कता बरतते हुए शून्य फीसदी दुर्घटना का लक्ष्य पर ध्यान रखते हुए सुरक्षित महाराष्ट्र बनाएं। यह बात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज यहां पर कही है।
             परिवहन विभाग व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (परिवहन), महाराष्ट्र राज्य और मुंबई पुलिस परिवहन विभाग के साथ मिलकर जमशेद भाभा थिएटर, एनसीपीए , नरीमन पॉइंट में 31 वें राज्य सड़क सुरक्षा सप्ताह 2020 का आयोजन किया था। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के करकमलों से इस सप्ताह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर परिवहन मंत्री एडवोकेट अनिल परब, परिवहन राज्यमंत्री सतेज पाटिल, लोकसभा सदस्य अरविंद सावंत, विधानसभा सदस्य राहुल नार्वेकर उपस्थित थे।
            मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस व्यवस्था हमेशा अपना कर्तव्य निभाता रहता है। ताकि आम नागरिक विभिन्न त्योहारों का आनंद ले सकें। इस आंनद की असली हिरो पुलिस व्यवस्था है। यातायात नियमों को
स्कूल, कॉलेज स्तर पर बच्चों को पढ़ाने की आवश्यकता है। बच्चों को नियमों को समझने के बाद, वे इन नियमों को अपने परिवारों को समझाते हैं। इसलिए बच्चों को सुरक्षा से जुड़े नियमों की जानकारी देना आवश्यक है। आधुनिक तकनीक के कारण, भले ही यातायात पुलिस सड़क पर दिखाई नहीं दे रही हो, लेकिन पुलिस का ध्यान हमारे ऊपर बना रहता है। वाहन चलाते समय नियमों का पालन किया जाना चाहिए।
वर्ष 2005 में, चीन की दुर्घटना दर 94 हजार और भारत की 98 हजार थी। चीन अब 45 हजार पर पहुंच गया है, जबकि भारत 1.50 लाख तक पहुंच गया है। इस दर को कम करने के लिए 'अपनी सुरक्षा ही परिवार की सुरक्षा' समझकर शून्य फीसदी दुर्घटना के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी को सहयोग करना चाहिए और सुरक्षित महाराष्ट्र बनाएं। इस तरह की अपील श्री ठाकरे ने की।
            परिवहन मंत्री ने कहा, एक व्यक्ति का जीवन मोमबत्ती की तरह होता है। एक दुर्घटना भी व्यक्ति की लौ बुझा सकती है और पूरे परिवार में अंधेरा फैला सकती है। परिवहन से सम्बंधित सभी घटकों को अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। पिछले एक वर्ष में केवल 12 हजार 556 लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए हैं। यह मौत की संख्या छोटी नहीं है। इस आंकड़ों में कमी लाने के लिए, विभिन्न उपक्रमों के माध्यम से यातायात नियमों के बारे में जागरूकता करना आवश्यक है। स्थानीय स्वराज संस्था, प्रसार माध्यम, गैर सरकारी संगठनों, स्कूलों और कॉलेजों के माध्यम से जागरूकता फैला कर, हम सभी को शून्य प्रतिशत दुर्घटना के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आने वाले वर्ष भर में दुर्घटना दर को 10 फ़ीसदी से अधिक कम करने की दिशा में काम करना चाहिए।
            राज्य मंत्री सतेज पाटिल ने कहा, जीवन महत्वपूर्ण है। इंटरनेट की गति 4 जी से 5 जी तक बढ़ गई है इसलिए हमें वाहन चलाते समय वाहन की गति नहीं बढ़ानी चाहिए। यातायात नियमों का पालन किया जाना चाहिए। शहरी विकास विभाग से विकास नियंत्रण नियमों को बनाते समय
परिवहन विभाग को शामिल करके विकास योजना को तैयार करें। ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम पर अधिक ध्यान दें। इस बाबत विशेष धनराशि का प्रावधान किया जाना चाहिए।
            कार्यक्रम में परिवहन विभाग के प्रधान सचिव आशीष कुमार सिंह, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक रणजित सिंह देओल, परिवहन आयुक्त शेखर चन्ने, सहपुलिस आयुक्त (परिवहन) मधुकर पांडे और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
            इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा रायगढ़, वाशिम, ठाणे जिले की जिला सड़क सुरक्षा समिति को सम्मानित किया गया। तेजस्विनी हेगड़े, गुरुनाथ साठेलकर, विजय भोसले, हार्दिक पाटिल को उनके सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इसी तरह से बिना दुर्घटना के 25 साल तक सेवा देने वाले ड्राइवरों को भी सम्मानित किया गया।

000

Road Safety Week inaugurated
Make Maharashtra safe by following transport rules
'Be careful with traffic rules, keep an aim of  zero percent accident'
- Chief Minister Uddhav Thackeray
            Mumbai, Date 13: Everyone should try to make Maharashtra safe by following the rules of transport. The driver of the vehicle must follow the traffic rules on his own. Care should be taken not to endanger one's own life or other's life. In order to reduce the rate of accidents, Road Safety Week campaign should not be observed for a week, but follow the traffic rules throughout the year in order to make safe Maharashtra, Chief Minister Uddhav Thackeray said here today.
             The 31st State Road Safety Week 2020 was organized at Jamshed Bhabha Theater, NCPA, Nariman Point in association with Transport Department and Additional Director General of Police (Transport), Maharashtra State and Mumbai Police Transport Department. Chief Minister Uddhav Thackeray inaugurated this week. Transport Minister Advocate Anil Parab,Minister of State for Transport Satej Patil, Member of Parliament in Lok Sabha Arvind Sawant, Member of Legislative Assembly Rahul Narvekar were present on this occasion.
            The Chief Minister said that the police system always performs its duty in uniform. So that common citizens can enjoy various festivals. The police system is the real hero of this joy. There is a need to teach traffic rules to students at school and college level. Once the students understand the rules, they would explain these rules to their families. Therefore, it is necessary to inform students about the rules related to safety. Due to modern technology, even though the traffic police is not visible on the road, but the focus of the police remains on us. Rules should be followed while driving a vehicle.
In the year 2005, the accident rate of China was 94 thousand and that of India was 98 thousand. China has now reached 45 thousand, while India has reached 1.50 lakh. To reduce this rate, everyone should co-operate to achieve the target of zero percent accident by considering ' self safety as family safety'. Mr.Thackeray also appealed to everyone to create a safe Maharashtra.
            Transport Minister said, a person's life is like a candle. An accident can also extinguish a person's flame and spread darkness in the family. All constituents related to transportation should perform their duties. Only 12 thousand 556 people have died in road accidents in the last one year. This death toll is not small. To reduce this numbers, it is necessary to have awareness campaign about traffic rules through various undertakings. Keeping in mind the awareness campaign's objective  zero percent accident,  Local bodies, media, NGOs, schools and colleges should undertake initiatives for awareness.
All of us should work in the direction of reducing the accident rate by more than 10 percent in the coming year.
            Minister of State Satej Patil said, life is important. Internet speed has increased from 4G to 5G, so we should not increase vehicle's speed while driving. Traffic rules must be followed. While framing the development control rules by the Urban Development Department (UDD), the UDD should involve transport department for
preparation of development plan. He also directed to pay more attention to the traffic signal system. A provision of special funds should be made in this regard.
            Ashish Kumar Singh, Principal Secretary of Transport Department, Ranjit Singh Deol, Managing Director of Maharashtra State Road Transport Corporation, Transport Commissioner Shekhar Channe, joint Commissioner of Police (Transport) Madhukar Pandey and concerned officials were present at the event.
            On this occasion, the District Road Safety Committee of Raigad, Washim, Thane districts were honoured by the Chief Minister. Tejaswini Hegde, Gurunath Sathelkar, Vijay Bhosle, Hardik Patil were honoured for their commendable work. Similarly, drivers serving for 25 years without accident were also honoured.
००००

कोणत्याही टिप्पण्‍या नाहीत

टिप्पणी पोस्ट करा

Blogger द्वारा समर्थित.