तांत्रिक शिक्षणाचा विकास आवश्यक - मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

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उच्च व तंत्र शिक्षण विभागाची आढावा बैठक

मुंबई, दि. 14 : राज्यातील शिक्षणाची उद्दिष्टे पूर्ण करण्यासाठी गुणवत्तापूर्ण शिक्षण आणि तांत्रिक शिक्षणाचा विकास करणे आवश्यक आहे, त्यासाठी शिक्षणाच्या गुणवत्तेबरोबरच सर्वसमावेशक शिक्षणपद्धती राबविणे आवश्यक असल्याचे, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी आज येथे सांगितले.

मंत्रालयात उच्च व तंत्र शिक्षण विभागाची आढावा बैठक झाली. त्यावेळी श्री. ठाकरे बोलत होते. उच्च शिक्षणातील भौतिक सुविधांतील उणिवा शोधून त्याची पूर्तता करुन नाविन्यपूर्ण संशोधनाला प्रोत्साहन द्यावे, शिक्षणाची गुणवत्ता आणि विद्यार्थ्यांचा विकास करण्यासाठी शिक्षणाचे मूल्यांकन आणि प्रमाणीकरण करुन क्षेत्रीय असंतुलन दूर करण्यासाठी व्हर्च्युअल क्लासरुम तयार करुन डिजिटल लर्निंग प्रक्रिया सुरु करावी. त्यामुळे ग्रामीण भागातील विद्यार्थ्यांना गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सहज उपलब्ध होईल. माहिती व तंत्रज्ञान विभागाच्या मदतीने ‍'व्हर्च्युअल क्लासरुम' कनेक्टीव्हिटीचा प्रस्ताव सादर करावा. अभ्यासक्रम सुधारणा करत असताना आधुनिक शिक्षणपद्धतीचा समावेश अभ्यासक्रमात करावा. मुंबईतील सर ज.जी.कला संस्थेत कलाविषयक वेगळे अभ्यासक्रम तयार करावेत, असेही श्री.ठाकरे यांनी सांगितले.

दरम्यान उच्च व तंत्रशिक्षण विभागाची रचना, विद्यापीठे, महाविद्यालय व विद्यार्थी संख्या, मूल्यांकन आणि स्वायत्तता, मानांकन, प्रवेश नियामक प्राधिकरण आणि शुल्क नियामक प्राधिकरण, राष्ट्रीय उच्चस्तर शिक्षण अभियान, एकात्मिक व्यवस्थापन प्रणाली, तंत्रशिक्षण संस्थामधील अभ्यासक्रमाचे प्रवेश वाढविण्यासाठी व विद्यार्थ्यांची रोजगार क्षमता वाढविण्यासाठी केलेल्या उपाययोजना, प्राध्यापकांची पदभरती, राष्ट्रीय शिक्षण धोरण या विषयांचे सादरीकरण उच्च व तंत्रशिक्षण विभागाचे सचिव सौरभ विजय यांनी केले.

यावेळी उच्च व तंत्रशिक्षण मंत्री उदय सामंत, मुख्यमंत्र्यांचे प्रधान सचिव भूषण गगराणी, उच्च तंत्रशिक्षण विभागाचे संचालक धनराज माने आदी उपस्थित होते.
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श्रीमती काशीबाई थोरात/विसंअ/14.1.2020


तकनीकी शिक्षा का विकास करना आवश्यक
- मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे
मुंबई, दिनांक 14: राज्य में शिक्षा के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और तकनीकी शिक्षा का विकास करना आवश्यक है। इसके लिए शिक्षा की गुणवत्ता के साथ विस्तृत शिक्षा प्रणाली लागू करने की आवश्यकता है।
मंत्रालय में उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में श्री ठाकरे ने यह बातें कहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में भौतिक सुविधाओं की कमियों को खोजने और उसे दूर करके अभिनव अनुसंधान को बढ़ावा देंशिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों का विकास करने के लिए शिक्षा का मूल्यांकन और सत्यापन करके क्षेत्रीय असंतुलन को समाप्त करने के लिए वर्चुअल क्लास रूम (आभासी कक्षाओं) का निर्माण करके डिजिटल लर्निंग की प्रक्रिया शुरू करें। इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीण भागों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आसानी से उपलब्ध होगी। सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग की मदद से 'वर्चुअल क्लास रूम' कनेक्टिविटी का प्रस्ताव पेश किया जाए। पाठ्यक्रम में सुधार लाते समय आधुनिक शिक्षा प्रणाली का समावेश पाठ्यक्रम में किया जाना चाहिए। श्री ठाकरे ने कहा कि मुंबई के सर जेजे कला संस्थान में कला को लेकर अलग से पाठ्यक्रम तैयार करें।
इस बैठक के दौरान उच्च और तकनीकि शिक्षा विभाग की रचना, विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और विद्यार्थियों की संख्या, मूल्यांकन और स्वायत्तता, मानकीकरण, प्रवेश नियामक प्राधिकरण और शुल्क नियामक प्राधिकरण, राष्ट्रीय उच्च स्तरीय शिक्षा अभियान, एकीकृत प्रबंधन प्रणाली, तकनीकी शिक्षा संस्था में पाठ्यक्रम का प्रवेश बढ़ाने और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए किए गए उपाय योजना, शिक्षकों के पदों की भर्ती करके, राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रस्तुतिकरण उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव सौरभ विजय ने किया।
 इस बैठक में उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भूषण गागरानी, ​​उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक धनराज माने आदि मौजूद थे।

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CM calls for developing technical education
Mumbai, Jan 14: In view of achieving objectives of education in the state it is necessary to develop quality education and technical education. For this, it is necessary to implement all inclusive education system, said Chief Minister Uddhav Thackeray here today.
He was speaking at the review meeting of Higher and Technical Education at Mantralaya today. Identifying the lacunae in material facilities of higher education efforts should be launched to remove them and give encouragement to innovative research. Digital learning process should be started by evaluation and standardization of education and preparing virtual classrooms to remove regional imbalances, he suggested. This will make quality education easily available to students from rural areas.
Proposal for virtual classroom can be submitted with the assistance of Information and Technology department. While improving the syllabi, modern education systems should be incorporated in it. Separate syllabus for arts should be prepared for JJ Arts College, Mumbai, Chief Minister Thackeray said.
Secretary of Higher Education Department Saurabh Vijay made a presentation about composition of higher and technical education department, universities, colleges and students’ strength, evaluation and autonomy, ranking, admission regulatory authority and fees regulatory authority, national higher level education campaign, integrated management system, measures taken to increase admission in poly-techniques and employment capability of students, appointment of professors, national education policy etc. 
Minister of Higher and Technical Education Uday Samant, CM’s Principal Secretary Bhushan Gagarani, Director of Higher and Technical Education Department Dhanraj Mane were present on this occasion.

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