मद्यनिर्माता ते मद्यविक्री दुकानांची ऑनलाईन जोडणी करुन करचोरीला आळा घालण्याचे उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांचे निर्देश

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मुंबई, दि. 9 : मद्यनिर्माता ते मद्यविक्री दुकानांची जोडणी संगणकीकृत यंत्रणेच्या माध्यमातून करुन उत्पादन शुल्क विभागाने करचोरीला आळा घालावा, असे स्पष्ट निर्देश उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांनी आज दिले.

राज्याच्या महसूलवाढीबाबत उपाययोजना करण्याच्या अनुषंगाने राज्य उत्पादन शुल्क विभागाची आढावा बैठक श्री. पवार यांनी घेतली.

अवैध मद्यविक्री, हातभट्टी निर्मितीमुळे राज्याच्या महसुलात होणारी तूट टाळण्यासाठी पोलीस आणि उत्पादन शुल्क विभागाने संयुक्त छापे टाकावेत. अवैध मद्यनिर्मितीच्या अनुषंगाने दाखल तक्रारीत शिक्षेचे प्रमाण वाढविण्यासाठी उपाययोजना कराव्यात. साखर कारखान्यांच्या डिस्टीलरी प्रकल्पातून स्पिरिट चोरीला आळा घालावा. इथेनॉलनिर्मितीला प्रोत्साहन देण्याच्या धोरणाची अंमलबजावणी करुन महसूलवाढीसाठी उपाययोजना कराव्यात.

श्री. पवार यांनी सूचना दिल्या की, वाईन शॉपमधून सिलबंद मद्याच्या विक्रीत कमाल किरकोळ किंमतीचे (एमआरपी) सर्रास उल्लंघन होते. त्याबाबतही विभागाने नियमित कारवाई करावी. प्रलंबित अपिले जलदगतीने निकालात काढण्यासाठी कालमर्यादा निश्चित करावी. लेबल मंजुरी, करगळती रोखण्यासाठी अन्य राज्यातील संगणकीकृत प्रणालींचा अभ्यास करुन तशा प्रकारची यंत्रणा निर्माण करावी.


बैठकीत श्रीमती नायर-सिंह आणि श्रीमती लवंगारे-वर्मा यांनी संगणकीय सादरीकरणाद्वारे विभागाची माहिती सादर केली. यावेळी वित्त राज्यमंत्री शंभुराज देसाई, वित्त विभागाचे अपर मुख्य सचिव मनोज सौनिक, प्रधान सचिव राजगोपाल देवरा, सचिव राजीव मित्तल, उत्पादन शुल्क विभागाच्या प्रधान सचिव श्रीमती वल्सा नायर-सिंह, आयुक्त श्रीमती प्राजक्ता लवंगारे - वर्मा आदी यावेळी उपस्थित होते.
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सचिन गाढवे/वि.सं.अ./दि.9.01.2020


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शराब निर्माता से शराब की दुकानों को ऑनलाइन
जोड़कर टैक्स चोरी को कम करें

- उपमुख्यमंत्री अजीत पवार

मुंबईदि. 9: उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने आज एक स्पष्ट निर्देश जारी किया कि आबकारी विभाग को कम्प्यूटरीकृत मशीनरी के माध्यम से शराब निर्माता से शराब की दुकानों को जोड़कर टैक्स चोरी कम करनी चाहिए।

राज्य के राजस्व में वृद्धि के उपाय करने के लिएश्री. पवार द्वारा राज्य आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

अवैध शराबहाथभट्टी उत्पादन के कारण राज्य के राजस्व के नुकसान को रोकने के लिए पुलिस और आबकारी विभागों को संयुक्त छापेमारी करनी चाहिए। अवैध शराब के खिलाफ दायर शिकायत मेंसजा बढ़ाने के उपाय किए जाने चाहिए। चीनी मिल के डिस्टलरी प्रोजेक्ट के जरिए स्पिरिट चोरी से बचना चाहिए। इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीति को लागू करके राजस्व बढ़ाने के उपाय किया जाना चाहिए।

श्री. पवार ने सूचना दिया किशराब की दुकान से सील बंद शराब की बिक्री अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) का उल्लंघन होता है। इस बारे में विभाग द्वारा नियमित कार्यवाही की जानी चाहिए। लंबित अपील के शीघ्र निपटान के लिए समय सीमा तय की जानी चाहिए। लेबल अनुमोदन और कर चोरी को रोकने के लिए अन्य राज्यों में कम्प्यूटरीकृत प्रणालियों का अध्ययन करके उसी तरह की तंत्र प्रणालियों का निर्माण किया जाना चाहिए।

 बैठक के दौरान श्रीमती नायर-सिंह और श्रीमती लवंगारे-वर्मा ने कंप्यूटर प्रस्तुति के माध्यम से विभाग की जानकारी प्रस्तुत की।

इस अवसर पर वित्त राज्य मंत्री शंभुराज देसाईवित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज सौनिकप्रमुख सचिव राजगोपाल देवराराजीव मित्तलआबकारी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती वल्सा नायर-सिंहआयुक्त श्रीमती प्राजक्ता लवंगारे- वर्मा उपस्थित थीं।

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Prevent tax-evading by linking
liquor manufacturers with liquor selling shops
- Deputy CM Ajit Pawar

Mumbai, Date. 9th: Deputy CM Ajit Pawar directed the State Excise Department to link liquor manufacturers with liquor shops and to prevent tax evasion.

Shri. Pawar held a review meeting of State Excise Department to discuss solutions for increasing state revenue.

Police and excise department should jointly raid liquor-selling places to avoid revenue loss caused due to illegal liquor selling and hatbhatti (desi liquor). Measures should be taken to increase punishment in illegal liquor selling cases. Spirit theft from the sugar factories’ distillery project should be prevented. Revenue increase should be increased through implementing ethanol production promotion policy. 

Shri. Pawar instructed that bottled liquor in the wine shop is sold to the price that exceeds labeled MRP. The department should take regular action against it. The computerized system implemented in other states to prevent label approval, tax evasion should be studied, and a similar system should be started in the state.

Smt. Nair-Singh and Smt. Lavangare-Verma briefed about the department through a power-point presentation.
Minister of State for Finance Shambhuraj Desai, Upper Chief Secretary of Finance Department Manoj Saunik, Principal Secretary Rajgopal Deora, Rajiv Mittal, Principal Secretary of Excise Department Smt. Valsa Nair-Singh, Commissioner Smt. Prajakta Lavangare- Verma was present in the meeting. 



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