स्वीडनचे राजे कार्ल आणि राणी सिल्विया यांची डोअर स्टेप शाळेला भेट

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मुंबई, दि. 4 : स्वीडनचे राजे कार्ल व राणी सिल्विया यांनी कफ परेड येथील डोअर स्टेप शाळेला भेट देऊन शाळेतील मुलांसोबत संवाद साधला. शाळाबाह्य  मुलांना शिक्षणाची आवड निर्माण व्हावी, त्यांना प्रोत्साहन मिळावे यासाठी डोअर स्टेप शाळेच्या वतीने विविध उपक्रम राबविले जातात.           

चालती फिरती शाळाम्हणून शाळेच्या बसमध्ये क्लासरूमची सुविधा उपलब्ध असून मुलांना या बसमध्येदेखील शिक्षण दिले जाते. ज्या ठिकाणी शाळाबाह्य मुले असतात, तिथे ही बस जाऊन थांबते आणि जी मुले शाळेत जात नाहीत, त्या मुलांना शिकविले जाते. त्यामुळे मुलांना शाळेची आवड निर्माण होऊन मुले शाळेत जायला सुरुवात करतात. अशा प्रकारचा अभिनव उपक्रम या शाळेच्या वतीने राबविण्यात येतो. या उपक्रमामुळे शाळाबाह्य मुलांना शिक्षण मिळते आणि साक्षरतेचे प्रमाण वाढण्यास मदत होते, अशी माहिती डोअर स्टेप शाळेच्या संचालिक बिना शेठ लष्करी यांनी दिली.
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काशिबाई थोरात/वि.सं.अ./4.12.19


Swedish King Carl and Queen Silvia visited Door Step School.

Mumbai, date.4th: Swedish King Carl and Queen Silvia visited Door Step School at Cuff Parade and communicated with the school students. Door Step School implements various programmes to create an interest in learning and encourage children who don’t go to school.

A classroom is made available in the school bus of ‘Chalti Firti Shala (Mobile School) and education is given to the children in this bus too. The bus stops where there are children not going to school and they are given education. As a result, children start liking school and they go to school. This school implements such an innovative initiative. Children without access to the school can get an education through this initiative and the literacy ratio increases, informed the Director of Door Step School Bina Seth Lashkari.

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स्वीडन के राजा कार्ल और रानी सिल्विया
ने किया डोर स्टेप स्कूल का दौरा

मुंबई, दि.4: स्वीडन के राजा कार्ल और क्वीन सिल्विया ने कफ परेड में डोर स्टेप स्कूल का दौरा करते हुए स्कूली बच्चों के साथ बातचीत की।स्कूल से बाहर के बच्चों को शिक्षित किया जाना चाहिए, उन्हे प्रोत्साहित करने के लिए डोर स्टेप स्कूल की ओर से विभिन्न गतिविधियाँ कार्यान्वित की जाती हैं।

स्कूल बसों में  चालती फिरती शाळा’  के रूप में कक्षाएँ उपलब्ध हैं और इन बसों में बच्चों को पढ़ाया भी जाता है। जहां स्कूल से बाहर के बच्चे होते हैं, वहां यह बस रुकती है और उन बच्चों को पढ़ाया जाता है जो स्कूल नहीं जाते हैं। परिणामस्वरूप, बच्चे स्कूल के बारे में जानकारी मिलते ही उत्साहित हो जाते हैं और स्कूल जाने लगते हैं। यह अभिनव पहल इस स्कूल की ओर से लागू की गई है। यह पहल स्कूली बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने और साक्षरता बढ़ाने में मदद करती है। डोर स्टेप स्कूल के निदेशक  बिना सेठ लष्करी  ने कहा कि इस पहल से स्कूली बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने और साक्षरता बढ़ाने में मदद मिलती है।

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