आपत्ती मदत कार्यासाठी हवाई दल सदैव सज्ज - विंग कमांडर ए. श्रीधर

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मुंबई, दि. 22 : नैसर्गिक अथवा मानवनिर्मित अशा कोणत्याही आपत्तीमध्ये मदत करण्यासाठी हवाई दल सज्ज आहे. आपत्ती काळात स्थानिक प्रशासन, राज्य व केंद्रीय आपत्ती निवारण दल आणि इतर मदत यंत्रणांबरोबर उत्तम समन्वय, संवाद असणे महत्त्वाचे आहे, असे मत एअर फोर्स स्टेशनचे विंग कमांडर ए. श्रीधर यांनी व्यक्त केले.

सांताक्रूझ येथील हवाई दलाच्या बेस स्टेशनच्या वतीने आपत्ती व्यवस्थापनातील मानवी मदत कार्य या विषयावर कार्यशाळा आयोजित करण्यात आली होती. त्यावेळी ते बोलत होता.यावेळी  राज्य आपत्ती नियंत्रण कक्षाचे संचालक अभय यावलकर, रायगडचे जिल्हाधिकारी विजय सूर्यवंशी, पालघरचे जिल्हाधिकारी कैलाश शिंदे यांच्यासह हवाई दल, नौदल, बृहन्मुबई महापालिका, ठाणे महापालिका, कोल्हापूर आपत्ती व्यवस्थापन कक्ष व केंद्रीय आपत्ती निवारण दल, अग्निशामक दल, आदी विविध यंत्रणांचे प्रतिनिधी उपस्थित होते.



श्री. श्रीधर म्हणाले की, गेल्या काही काळात नैसर्गिक आपत्तीमध्ये वाढ झाली आहे. पुढील काळात  आपत्तीला तोंड देण्यासाठी सर्व यंत्रणांनी पूर्वतयारी करावी. हवाई दल आपत्ती काळात मदतीसाठी नेहमी सज्ज असून आपत्तीची माहिती मिळाल्यानंतर काही वेळेत मदत पोहोचविण्यासाठी हेलिकॉप्टर तैनात आहेत.

आपत्ती काळात संवाद साधण्यासाठी व्हॉट्सॲपसारख्या समाजमाध्यमांचा योग्य उपयोग करता येईल, असेही त्यांनी सांगितले.

श्री. यावलकर म्हणाले, राज्यातील आपत्ती नियंत्रणासाठी मंत्रालयातील आपत्ती नियंत्रण  कक्ष 24 तास कार्यरत आहे. कोणत्याही भागात आपत्ती निर्माण झाली तर तात्काळ मदत कार्य सुरू करण्यासाठीची यंत्रणा कार्यरत आहे.

पूरपरिस्थितीमध्ये लोकांची मागणी आणि विविध दलांना लागणाऱ्या साधन सामुग्रीसाठी केंद्र शासन आणि  विविध दलाच्या प्रमुखांनी तात्काळ मदत केली त्याबद्दल त्यांनी सर्वांचे आभार मानले.

यावेळी स्क्वॉड्रन लीडर प्रतिक बुऱ्हाणपूर व स्क्वॉड्रन लीडर संदीप पवार यांनी हवाई दलाने वेगवेगळ्या आपत्ती काळात केलेली कामे, या काळात कशा पद्धतीने यंत्रणा राबविण्यात आली या संबंधीचे सादरीकरण केले.

या कार्यशाळेत ठाणे जिल्ह्यात पुराच्या पाण्यात अडकलेली महालक्ष्मी एक्सप्रेस, सांगली-कोल्हापुरातील पूर परिस्थिती आदी काळात हवाईदल, लष्कर, नौदल, कोस्ट गार्ड,  राष्ट्रीय आपत्ती निवारण पथक (एनडीआरएफ), राज्य आपत्ती निवारण पथक, स्थानिक प्रशासन यांची टीम बचाव कार्यासाठी चोवीस तास कार्य करत होती. त्यावेळेचा अनुभव या कार्यशाळेत सांगितला.
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आपदा की स्थिति में मदद कार्य के लिए वायु सेना हमेशा तैयार
- विंग कमांडर ए. श्रीधर

मुंबई, दि. 22 : नैसर्गिक तथा मानवनिर्मित ऐसे किसी भी प्रकार के आपदा की स्थिति में मदद करने के लिए वायु सेना हमेशा सज्ज है। आपदा के समय स्थानीय प्रशासन, राज्य एवं केंद्रीय आपदा निवारण दल और अन्य मदद यंत्रणा के साथ-साथ उत्तम समन्वय, संवाद होना महत्वपूर्ण है, यह विचार एअर फोर्स स्टेशन के विंग कमांडर ए. श्रीधर ने व्यक्त किए।

सांताक्रूझ स्थित वायु सेना के बेस स्टेशन की ओर से आपदा व्यवस्थापन में मानवी मदद कार्य इस विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई थी, इस अवसर पर वे बोल रहे थे।

कार्यशाला में  राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के संचालक अभय यावलकर, रायगड के जिलाधिकारी विजय सूर्यवंशी, पालघर के जिलाधिकारी कैलाश शिंदे समेत वायु सेना, नौसेना, बृहन्मुबई महापालिका, ठाणे महापालिका, कोल्हापुर आपदा व्यवस्थापन कक्ष एवं केंद्रीय आपदा निवारण दल, अग्निशामक दल आदि विविध यंत्रणा के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यशाला में श्री. श्रीधर ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में नैसर्गिक आपदा की स्थिति में वृद्धि हुई है। भविष्य  में आपदा की स्थिति का सामना करने के लिए सभी यंत्रणा ने पूर्वतैयारी करना चाहिए। वायु सेना आपदा के समय मदद के लिए हमेशा तैयार है और आपदा की स्थिति में सूचना तथा जानकारी मिलते ही कुछ ही समय में मदद पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर तैनात है और रहते है।

उन्होंने कहा कि आपदा के समय संवाद साधने के लिए व्हॉट्सॲप जैसे समाजमाध्यमों का योग्य उपयोग किया जा सकता है।

कार्यशाला में श्री. यावलकर ने कहा कि राज्य के आपदा नियंत्रण के लिए मंत्रालय का आपदा नियंत्रण  कक्ष 24 घंटे कार्यरत है। किसी भी परिसर में आपदा की स्थिति हुई हो, वहाँ पर तत्काल मददकार्य शुरू करने के लिए आवश्यक यंत्रणा कार्यरत है।

बाढ़ की स्थिति में लोगों की मांग और विविध सेना के लिए आवश्यक संसाधन एवं सामग्री के लिए केंद्र सरकार और विविध सेना के प्रमुखों ने तत्काल मदद की, इस पर उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर स्कोड्रन लीडर प्रतिक बुऱ्हाणपुर और स्कोड्रन लीडर संदीप पवार ने वायु सेना ने आपदा की स्थिति में जो काम किया है, उन कामों को किस तरह से यंत्रणा कार्यरत रही, इससे संबंधित जानकारी दी।

इस कार्यशाला में ठाणे जिले में बाढ़ के पानी में फंसी महालक्ष्मी एक्सप्रेस, सांगली-कोल्हापुर की स्थिति आदि आपदा के समय वायु सेना, लष्कर, नौदल, कोस्ट गार्डराष्ट्रीय आपदा निवारण टीम (एनडीआरएफ), राज्य आपदा निवारण टीम, स्थानीय प्रशासन की टीम बचाव कार्य के लिए चौबीस घंटे कार्यरत थी, उस समय का अनुभव इस कार्यशाला में साझा किया गया।
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Air Force always ready for disaster relief works
- Wing Cmdr A Sridhar

Mumbai, Nov 22: Air Force is always ready to extend help and relief in natural or manmade disaster situations. It is necessary to have better coordination and dialogue with local administration, SDRF and NDRF teams and other relief machineries, observed Air Force Station Wing Cmdr A Sridhar.

He was speaking at the workshop on human relief operations in disaster management organized by the Air Force Base Station at Santacruz. On this occasion State Disaster Control Room Director Abhay Yavalkar, Raigad Colletor Vijay Survanshi, Palghar Collector Kailash Shinde and representatives of Air Force, Navy, BMC, Thane Municipal Corporation, Kolhapur Disaster Management Room, NDRF, Fire Brigade, etc. were present.

Mr Sridhar said that natural disasters have shown a rising trend in last some years. The systems should brace for the future responsibilities. Air Force is always ready for relief and helicopters are kept in ready position so that they can be deployed as soon as the news reaches us.

Social media like WhatsApp can be used for sharing information and dialogue during the disaster time, he said.

Mr Yavalkar said that the Disaster Control Room in the Mantralaya is round the clock ready to deal with natural disasters in the state. The system is ready and active to provide relief in any part of the state.  

He thanked the central government and chiefs of various units for providing material and relief during the flood disaster in the state to provide succor to the people.

On this occasion Sqd Ldr Pratik Burhanpur and Sqd Ldr Sandip Pawar made presentation about how the Air Force provided relief and implemented the system during the disaster period at different times.

Experiences of how relief operations during the flood affected Mahalakshmi Express, flood situation in Sangli-Kolhapur etc. were conducted by Air Force, Army, Navy, Coast Guard, NDRF, SDRF, local administration teams. These teams were busy providing relief to the affected people 24 x 7. These experiences were shared at the workshop.

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