अवकाळी पाऊस पीक नुकसान भरपाईसाठी दहा हजार कोटींची तरतूद - मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

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मंत्रिमंडळ उपसमितीच्या बैठकीत निर्णय, केंद्राकडेही निधीची मागणी

मुंबई, दि. 2 : राज्यात अवकाळी पावसामुळे झालेल्या पीक नुकसानीच्या भरपाईसाठी दहा हजार कोटी रुपयांची तरतूद करण्याचा निर्णय मंत्रिमंडळ उपसमितीच्या बैठकीत घेण्यात आला आहे, असे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी आज येथे सांगितले.

राज्यातील अवकाळी पाऊस आणि खरीप हंगामातील पीक नुकसानीबाबत आज मंत्रिमंडळ उपसमितीची बैठक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या अध्यक्षतेखाली वर्षा शासकीय निवासस्थानी बैठक संपन्न झाली. बैठकीनंतर मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांनी माध्यमांना माहिती दिली.

मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांनी सांगितले की, अवकाळी पावसामुळे शेतकऱ्यांचे अतोनात नुकसान झाले आहे. या नुकसानीचे पंचनामे करण्याचे निर्देश यापूर्वीच देण्यात आले आहेत. त्यानुसार प्रशासन आणि संबंधित यंत्रणा क्षेत्रीय स्तरावर सक्रिय झाल्या आहेत. याशिवाय जिथे कुठे यंत्रणा पोहोचली नसेल, अशा ठिकाणच्या शेतकऱ्यांनी मोबाईलवर फोटो अपलोड केल्यास, ते पुरावा म्हणून ग्राह्य धरण्याचे निर्देश देण्यात आले आहेत.  नुकसानीचा अहवाल प्राप्त होताच पिकनिहाय भरपाई निश्चित करून ती थेट शेतकऱ्यांच्या खात्यात जमा करण्यात येणार आहे. या आपत्तीच्या निवारणासाठी केंद्र सरकारकडेही वित्तीय सहाय्य मागणीचा प्रस्ताव पाठविण्यात येणार आहे.  तथापि, केंद्राच्या मदतीची वाट न पाहता राज्य सरकार आपल्या निधीतून मदत देईल. राज्यातील सुमारे पन्नास लाख शेतकऱ्यांनी पीक विमा घेतला आहे. त्यांनाही विमा कंपन्यांनी तात्काळ मदत करावी, त्यासाठी संबंधित कंपन्यांना निर्देश देण्यात आले आहेत.

मंत्रिमंडळ उपसमितीच्या बैठकीत राज्यातील अवकाळी पावसामुळे पीक नुकसानीचा विस्तृत आढावा घेण्यात आला. यामध्ये पिकनिहाय नुकसानीचे अंदाजित क्षेत्र, विविध फळपिके, मच्छिमारांचे नुकसान याबाबतही चर्चा झाली. ही विशेष परिस्थिती आहे. त्यामुळे शेतकऱ्यांना जास्तीत जास्त मदत देण्याबाबत निर्णय घेण्यात आला. नुकसानीची अंतिम आकडेवारी निश्चित होईपर्यंत प्रशासनाने या भरपाईसाठी सुमारे दहा हजार कोटी रुपयांची तरतूद करावी असे निर्देश देण्यात आले. क्षेत्रीय स्तरावरून पंचनामा अहवाल प्राप्त होताच कोणत्या पिकांसाठी किती मदत द्यायची हे निश्चित केले जाईल. येत्या तीन-चार दिवसांत याबाबतचा अंतिम निर्णय होईल. त्यानंतर थेट शेतकऱ्यांच्या खात्यात नुकसान भरपाई जमा केली जाणार आहे. शेतकऱ्यांना तात्काळ मदत मिळावी यासाठी क्षेत्रीय स्तरावर विविध यंत्रणांनी समन्वयाने पंचनामे करण्यासाठी प्रयत्न करावेत, असे निर्देश देण्यात आले. त्यासाठी महसूल, कृषी, कृषी महाविद्यालये, पशुसंवर्धन अशा विविध यंत्रणातील मनुष्यबळाचा प्रभावी वापर करण्याबाबत चर्चा झाली.

बैठकीस महसूलमंत्री चंद्रकांत पाटील, जलसंपदामंत्री गिरीष महाजन, कृषिमंत्री डॉ. अनिल बोंडे, सामाजिक न्यायमंत्री डॉ. सुरेश खाडे, पदुममंत्री महादेव जानकर, सहकारमंत्री सुभाष देशमुख, जलसंपदा राज्यमंत्री विजय शिवतारे, कृषी राज्यमंत्री सदाभाऊ खोत, राज्याचे मुख्य सचिव अजोय मेहता, वित्त विभागाचे अपर मुख्य सचिव संजय कुमार, महसूल विभागाचे अपर मुख्य सचिव मनुकुमार श्रीवास्तव, मुख्यमंत्र्यांचे प्रधान सचिव भूषण गगराणी, सार्वजनिक बांधकाम विभागाचे प्रधान सचिव मनोज सौनिक, सहकार विभागाच्या प्रधान सचिव आभा शुक्ला, कृषी विभागाचे सचिव एकनाथ डवले, ग्राम विकास विभागाचे सचिव असीमकुमार गुप्ता, मदत व पुनर्वसन विभागाचे सचिव किशोर राजे निंबाळकर आदी उपस्थित होते.


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अकाली बारिश से हुए फसल के नुकसान के मुआवजे के लिए
दस हजार करोड़ रूपए का प्रावधान
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक में निर्णय, केंद्र की ओर भी की निधि की मांग

मुंबई, दि. 2 : राज्य में अकाली बारिश के कारण हुए फसलों की नुकसान के मुआवजे (भरपाईसाठी) के लिए दस हजार करोड़ रूपए का प्रावधान करने का निर्णय मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक में लिया गया है, यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज बैठक में बताया।

राज्य में अकाली बारिश और खरीप हंगाम के फसल की नुकसान को लेकर आज मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में वर्षा शासकीय निवासस्थान पर बैठक संपन्न हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस ने सूचना प्रसार माध्यमों को यह जानकारी दी।         मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस ने कहा कि अकाली बारिश के कारण किसानों का बहुत नुकसान हुआ है। इस नुकसान तथा क्षतिग्रस्त फसलों का पंचनामा करने के निर्देश इसके पहले ही दिए गए है। उसके अनुसार प्रशासन और संबंधित यंत्रणा क्षेत्रीयस्तर पर सक्रिय हुई है। इसके अलावा जहां पर यंत्रणा पहुंची नहीं होगी, ऐसे जगहों पर भी किसानों ने मोबाईल पर फोटो अपलोड करने पर उसे सबूत के रूप में ग्राह्य मानने के निर्देश भी दिए गए है। नुकसान की रिपोर्ट प्राप्त होते ही फसल के अनुसार मुआवजा (भरपाई) निश्चित कर वह सीधे किसानों के खाते में जमा किए जाएंगे। इस आपदा के निवारण के लिए केंद्र सरकार की ओर भी वित्तीय सहायता की मांग का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। लेकिन अभी केंद्र के मदद की राह न देखते हुए राज्य सरकार अपने निधि से ही मदद दे रही है। राज्य के तकरीबन पचास लाख किसानों ने पीक बीमा लिया है। उन्हें भी बीमा कंपनियां तत्काल मदद करें, इसके लिए संबंधित कंपनियों को निर्देश दिए गए है।

मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक में राज्य के अकाली बारिश के कारण फसल के नुकसान का विस्तार से जायजा लिया गया। इसमें फसल के अनुसार नुकसान का अनुमानित क्षेत्र, विविध फल के फसल, मछुआरों के नुकसान पर भी चर्चा हुई, हालांकि यह विशेष स्थिति है। इस कारण किसानों को अधिक से अधिक मदद देने को लेकर भी निर्णय लिया गया। नुकसान की अंतिम आकडेवारी निश्चित होने तक प्रशासन ने इस मुआवजे के लिए  तकरीबन दस हजार करोड़ रूपए का प्रावधान करने के निर्देश दिए गए। क्षेत्रीय स्तर पर पंचनामा रिपोर्ट प्राप्त होते ही किसी भी फसलों के लिए कितनी मदद देना है, इसे निश्चित किया जाएगा। आगामी तीन-चार दिनों में इस संदर्भ को लेकर अंतिम निर्णय होगा। उसके बाद सीधे किसानों के खाते में नुकसान मुआवजा (भरपाई) की राशि जमा की जाएगी। किसानों को तत्काल मदद मिले, इसके लिए क्षेत्रीय स्तर पर विविध यंत्रणा ने समन्वय से पंचनामा करने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए गए है। इसके लिए राजस्व, कृषि, कृषि महाविद्यालय, पशू संवर्धन ऐसे विविध यंत्रणा के मानव संसाधन का प्रभावपूर्ण तरीके से उपयोग करने के संदर्भ में भी चर्चा हूई है।

बैठक में राजस्व मंत्री चंद्रकांतदादा पाटिल, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन, कृषि मंत्री डॅा. अनिल बोंडे, सामाजिक न्याय मंत्री डॅा. सुरेश खाडे, पदुम मंत्री महादेव जानकर, सहकार मंत्री सुभाष देशमुख, जलसंपदा राज्यमंत्री विजय शिवतारे, कृषि राज्यमंत्री सदाभाऊ खोत, राज्य के मुख्य सचिव अजोय मेहता, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार, राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव मनुकूमार श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भूषण गगराणी, सार्वजनिक निर्माणकार्य विभाग के प्रधान सचिव मनोज सौनिक, सहकार विभाग की प्रधान सचिव आभा शुक्ला, कृषि विभाग के सचिव एकनाथ डवले, ग्राम विकास विभाग के  सचिव असीमकुमार गुप्ता, मदद एवं पुनर्वसन विभाग के सचिव किशोर राजे निंबालकर आदि उपस्थित थे।

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Provision of rupees ten crore for crop damage reimbursement caused due to erratic rainfall
CM Devendra Fadnavis

A decision was taken in the meeting of cabinet’s subcommittee, financial aid requested at the Centre also

Mumbai, date.2nd: CM Devendra Fadnavis told today that a decision was taken in the meeting of cabinet’s subcommittee. According to the decision, the provision of ten crore rupees is made to reimburse crop damage occurred due to erratic rainfall. 

A meeting of cabinet’s subcommittee was held today at official residence Varsha. The meeting took place under the presidency of CM Devendra Fadnavis and the meeting was held regarding the erratic rainfall in the state and crop damage in Kharif season.  CM Shri. Devendra Fadnavis gave the informed media after the meeting.

CM Devendra Fadnavis told, farmers had to suffer loss in a great deal due to erratic rainfall. The creation of damage reports is ordered already.  Administration and related systems are activated on their level. It is also directed that if farmers from such places where system is not accessible upload photos on mobile, it should be accepted as proof.   Crop-wise reimbursement will be decided as soon as damage report is received and the amount of reimbursement will be directly transferred to the farmers’ account. A prospect will be sent to the Central Government requesting financial aid to redress this calamity.   But the State Government will not solely depend on the Central Government’s help and will provide financial aid form its own fund.  Around fifty lakh farmers are crop insured in the state.  Insurance companies should also help them immediately. Related companies are given related instructions.

Crop damage situation in the state due to erratic rainfall was reviewed in the meeting of Cabinet’s subcommittee.  Crop-wise damaged filed, various fruit crops, loss bared by anglers were also in the meeting. This is a crucial situation. Therefore, decision was taken to provide maximum help to the farmers.  Provision of ten crore rupees is directed by the administration as reimbursement until the final damage report is made. As soon as zonal crop damage report is received, reimbursement for each crop will be decided. A final decision will be taken in upcoming few days. Reimbursement will directly transferred to the farmers’ account after that.  Systems on zonal areas are directed to coordinate for reports so farmers will get timely help. Utilizing human resources from Revenue Department, Agriculture Department, agriculture colleges, and animal husbandry were also discussed.
          
Revenue Minister Chandrakantdada Patil, Water Irrigation Minister Girish Mahajan, Agriculture Minister Dr. Anil Bonde, Social Justice Minister Dr. Suresh Khade, Animal Husbandry Minister  Mahadev Jankar, Co-operation Minister Subhash Deshmukh, Water Irrigation Minister for State Vijay Shivtare, Agriculture Minister for state Sadabhau Khot, Chief Secretary of the state Ajoy Mehta, Upper Chief Secretary of Finance Department Sanjay Kumar, Upper Chief Secretary of Revenue Department Manukumar Srivastava, CM’s Principal Secretary Bhushan Gagrani, Principal Secretary of PWD Manoj Saunik, Principal Secretary of Cooperation Department Abha Shukla,  Secretary of Agriculture Department Eknath Davle, Secretary of Rural Development Department Asimkumar Gupta, Secretary of Relief and Rescue Department  Kishor Raje Nimbalkar were present in the meeting.
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