शेतकऱ्यांचे जीवनमान उंचाविण्यासाठी व्यापार, उद्योग क्षेत्राने योगदान देण्याचे राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी यांचे आवाहन

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मालवाहतूक क्षेत्राशी निगडीत 'कोल्ड चेन'राष्ट्रीय परिषदेचे उद्घाटन

मुंबई, दि. 11 : शेतकरी देशाचा प्रमुख घटक आहे. त्यामुळे त्याच्या जीवनमानात बदल घडविण्यासाठी, त्याचे उत्पन्न वाढविण्यासाठी व्यापार आणि उद्योग क्षेत्राने प्रयत्न करणे आवश्यक आहे. त्यादृष्टीने शेतमाल वाहतूक क्षेत्राच्या विकासासाठी सर्वंकष असे धोरण निश्चित करण्याचा प्रयत्न व्हावा,’ अशी अपेक्षा राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी यांनी आज येथे व्यक्त केली.

मालवाहतूक क्षेत्राशी निगडीत 'कोल्ड चेन' या राष्ट्रीय परिषदेच्या उद्घाटनप्रसंगी राज्यपाल श्री. कोश्यारी बोलत होते. यावेळी शीत साखळी वाहतूक (सप्लाय चेन मॅनेजमेंट) क्षेत्रातील उत्कृष्ट कामगिरीसाठी विविध कंपन्यांना राज्यपाल श्री. कोश्यारी यांच्या हस्ते पुरस्कार प्रदान करण्यात आले.

केंद्रीय अन्न प्रक्रिया उद्योग मंत्रालय आणि नाबार्ड यांच्या संयुक्त विद्यमाने 'असोचॅम' आणि  ट्रान्सपोर्ट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया- टीसीआय' यांनी या परिषदेचे संयोजन केले. राज्यपाल श्री. कोश्यारी म्हणाले, शेतीमालाचा आणि विशेषतः नाशवंत अशा मालाच्या वाहतुकीच्या अद्ययावत सुविधांमुळे हाती आलेले उत्पादन वाया जाण्याचे प्रमाण कमी करता येऊ शकते.

भारतातील शेती वैविध्यपूर्ण अशी आहे. त्यामुळे उत्पादनातही वैविध्य आहे. त्यामुळे नाशवंत अशा शेतीमालाच्या शेतकरी ते ग्राहक यादरम्यान च्या वाहतुकीबाबत सर्वंकष अशी प्रणाली तयार करावी लागेल. त्यासाठी धोरण आखावे लागेल. त्यामध्ये शेतकऱ्यांसह विविध घटकांशी विचारविनिमय करावा लागेल. शेतमालाची प्रभावी वाहतूकप्रणाली शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नात वाढ करू शकते. त्यातून त्यांच्या जीवनात बदल घडवता येईल. त्यांचे जीवनमान उंचावता येईल. हेही एक राष्ट्रबांधणीचे कार्य आहे असे समजून व्यापार व उद्योग क्षेत्राने प्रयत्न करावेत, असेही त्यांनी सांगितले.

सुरुवातीला राज्यपाल श्री. कोश्यारी तसेच मान्यवरांच्या हस्ते दीपप्रज्वलन करण्यात आले. 'असोचॅम' चे वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ.निरंजन हिरानंदानी यांनी स्वागत केले. ‘टीसीआय’चे उपाध्यक्ष अमिताभ  मुखर्जी यांनी परिषदेची संकल्पना विषद केली. बॉम्बे चेंबर ऑफ कॉमर्स अॅँण्ड इंडस्ट्रीजच्या अॅग्रिक्लचर अॅण्ड फूड प्रोसेसिंग समितीवरील तज्ज्ञ सदस्य डॅा. एस. के. गोयल, महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्सचे वरिष्ठ उपाध्यक्ष ललित गांधी, कृषी विभागाचे सचिव एकनाथ डवले यांची भाषणे झाली. ‘असोचॅम’चे सरचिटणीस दिपक सूद यांनी आभार मानले. अन्न, फळे, भाजीपाला, औषधे यांसह नाशवंत तसेच अन्य जीवनावश्यक घटकांच्या वाहतुकीतही कोल्ड स्टोअरेजसारख्या सुविधा आवश्यक असतात. अशा घटकांच्या साठवणूक, वाहतूक, नियमन आणि व्यवस्थापन यादृष्टीने तसेच या क्षेत्रातील गुंतवणूक संधी यासंदर्भात या परिषदेत तज्ञांनी मांडणी केली.

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किसानों के जीवनस्तर को बढ़ाने की दिशा में
व्यापार और उद्योग क्षेत्रों को भी योगदान देना चाहिए
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी
कार्गो क्षेत्र से जुड़े 'कोल्ड चेन' राष्ट्रीय परिषद का उद्घाटन, पुरस्कारों का वितरण

            मुंबई, दि. 11 : 'किसान देश का एक प्रमुख वर्ग है। इसलिए उनके जीवनस्तर को बदलने के लिए, उनकी आय में वृद्धि के लिए व्यापार और उद्योग क्षेत्र को प्रयास करना आवश्यक है. उस दृष्टि से, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उम्मीद जताई कि कमोडिटी ट्रांसपोर्ट क्षेत्र के विकास के लिए एक व्यापक नीति अपनाई जानी चाहिए।
       कार्गो क्षेत्र से जुड़े 'कोल्ड चेन' पर राष्ट्रीय परिषद के उद्घाटन पर, राज्यपाल श्री. कोश्यारी बात कर रहे थे. इसदौरान, कोल्ड चेन ट्रांसपोर्ट ( सप्लाय चेन मॅनेजमेंट) के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभिन्न कंपनियोंको राज्यपाल श्री कोश्यारी के हाथों पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
       केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और नाबार्ड के सहयोग से 'असोचॅम' और ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया-टीसीआई द्वारा परिषद का आयोजन किया गया। राज्यपाल श्री कोश्यारी ने कहा कि कृषि वस्तुओं, विशेष रूप से खराब होनेवाले सामानों के परिवहन की नवीनतम सुविधाओं से उत्पादित कचरे की मात्रा कम हो सकती है। भारत की कृषि विविधपूर्ण है। इसलिए उत्पादन में भी विविधता है। इसलिए, इस तरह के विनाशकारी कृषि उत्पादों के किसानों और उपभोक्ताओं के बीच परिवहन के लिए एक व्यापक प्रणाली बनानी होगी। इसे योजना में लाना होगा। किसानों के साथ विभिन्न कारकों पर चर्चा की जानी चाहिए।  कृषि की प्रभावी परिवहन प्रणाली से किसानों की आय बढ़ सकती है। जो उनके जीवन को बदल सकता है। उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्योग क्षेत्रों को यह समझने का प्रयास करना चाहिए कि यह भी एक राष्ट्र निर्माण का काम है।
            शुरुवात में, राज्यपाल श्री  कोश्यारी  और गणमान्य लोगों के हाथों दीप प्रज्वलन किया गया।  'असोचॅम' के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ निरंजन हीरानंदानी ने स्वागत किया। टिसीआयके उपाध्यक्ष अमिताभ मुखर्जी ने परिषद की अवधारणा को संक्षेप में प्रस्तुत किया।
       बॉम्बे चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की कृषि और खाद्य प्रसंस्करण समिति के विशेषज्ञ सदस्य डॅा. एस.के. गोयल, महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ललित गांधी, कृषि विभाग के सचिव एकनाथ डवले ने भाषण दिया। असोचॅमके महासचिव दीपक सूद ने सभी का धन्यवाद किया। खाद्य, फलों, सब्जियों, दवाओं के परिवहन के साथ-साथ खराब और अन्य आवश्यक वस्तुओं जैसे कोयले के भंडारण की भी आवश्यकता होती है। इस तरह के घटकों के भंडारण, परिवहन, विनियमन और प्रबंधन के साथ-साथ इस क्षेत्र में निवेश के अवसरों के संबंध में विशेषज्ञों ने परिषद प्रस्तुत किया।

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Commerce and Industry sector should contribute to the efforts of bettering life of farmers- Governor Bhagat Singh Koshyari
Inauguration of goods transportation-related sector national conference- ‘Cold Chain’ and prize distribution
   Mumbai, date 11th:   A farmer is an important factor in the country. Therefore, Commerce and Industry sector should make efforts towards the betterment of life and increase the income of farmers. A comprehensive policy should be drafted for the development of the agriproduct transportation sector, expressed Governor Bhagat Singh Koshyari today.
   Governor Shri. Koshyari spoke at the inauguration event of a goods transportation-related national conference- ‘Cold Chain’.  Governor Shri. Koshyari conferred awards to various companies for the best performance in the supply chain management sector.
   ‘ASSOCHAM’ and ‘Transport Corporation of India- TCI’ had organized this conference in collaboration with the Ministry of Central Food Processing Industry and NABARD.  Governor Shri. Koshyari said that product wastage could be lessened with the help of modern facilities of agriproduct and perishable goods transportation. Indian farming is diverse and hence there is diversity in the products.  Therefore, a comprehensive system should be created for the transportation of perishable agriproducts from farmers to customers.  A policy should be drafted.   Farmers and various stakeholders should be talked with regarding it. Effective agriproduct transportation can increase the income of farmers. It will lead to the betterment of their life. He also said that the Commerce and Industry sector should make efforts towards this considering it a national cause.
   Governor Shri. Koshyari and other eminent personalities ignited the ceremonial lamp at the beginning of the programme. Dr. Niranjan Hiranandani, Senior Vice-President of ‘ASSOCHAM’ welcomed all. ‘TCI’ Vice President Amitabh Mukherjee explained the concept behind the conference. Dr. S.K. Goel, scholar member of ‘Bombay Chamber of Commerce and Industries’ Agriculture and Food Processing Committee’, Maharashtra Chamber of Commerce’s Senior Vice-President Lalit Gandhi, Secretary of Agriculture Department Eknath Davale spoke at the conference.  Secretary-General of ‘ASSOCHAM’ Dipak Sood presented the vote of thanks.  Facilities like cold storage are necessary for the transportation of perishable and necessary things like food, fruits, vegetables, medicines. Scholars presented their views in this conference regarding the storage, transportation, regulation, and management of these products and the investment opportunities in this field.
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