इतर मागासवर्गात समावेशाबाबत हिंदू वीरशैव व लिंगायत समाजाचा प्रस्ताव राज्य मागासवर्ग आयोगाकडे पाठविण्याचे मुख्यमंत्र्यांचे निर्देश

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मुंबई, दि. 22 : लिंगायत समाजातील हिंदू वीरशैव, हिंदू लिंगायत व रेड्डी या उपजातींना इतर मागासवर्गात समावेशासंदर्भातील प्रस्ताव राज्य मागास वर्ग आयोगाकडे पाठविण्याचे निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी आज दिले. तसेच मंगळवेढा येथील जगद्‌ज्योती महात्मा बसवेश्वर स्मारकाचा आराखडा लवकरच मंजूर करण्यात येणार असल्याचेही त्यांनी यावेळी सांगितले.


लिंगायत समाजाच्या विविध मागण्यासंदर्भात आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या अध्यक्षतेखाली सह्याद्री अतिथीगृहात बैठक झाली. त्यावेळी मुख्यमंत्री बोलत होते. यावेळी विमुक्त जाती, भटक्या जमाती, इतर मागासवर्ग, सामाजिक व आर्थिक मागास वर्ग व विशेष मागास प्रवर्ग मंत्री संजय कुटे, सार्वजनिक आरोग्य राज्यमंत्री तथा सोलापूरचे पालकमंत्री विजयकुमार देशमुख यांच्यासह विविध जिल्ह्यातील लिंगायत समाजाचे प्रतिनिधी उपस्थित होते. 


मुख्यमंत्री म्हणाले, लिंगायत रेड्डी, हिंदू लिंगायत व हिंदू वीरशैव ह्या लिंगायत समाजातीलच उपजाती आहेत. त्यांचा समावेश इतर मागास वर्गामध्ये करण्यासाठी राज्य मागास वर्ग आयोगाकडे तातडीने प्रस्ताव पाठवावा. तातडीने निर्णय घेण्यासंदर्भात मागासवर्ग आयोगास विनंती केली जाईल.


मंगळवेढा येथे उभारण्यात येणाऱ्या जगद्ज्योती महात्मा बसवेश्वर स्मारकाच्या आराखड्यास उच्चाधिकार समितीत तातडीने मंजुरी देण्यात येईल. स्मारकामध्ये कल्याण मंडप, महात्मा बसवेश्वर यांचा पुतळा व त्यांच्या चरित्रावर आधारित वाचनालय व लेझर शो असणार आहेत. हे स्मारक कार्बनन्यूट्रल असावे, यासाठी मोठी झाडे लावण्यात यावीत, असेही त्यांनी यावेळी सांगितले.


यावेळी लिंगायत समाजाचे काकासाहेब कोयटे, सुनिल रुफारी, गुरुनाथ बडुरे, श्रीकांत तोडकर, लक्ष्मण उळेकर, शैलेश हविनाळे, सरलाताई पाटील, संजय तोडकर, स्वस्तिक तोडकर आदी उपस्थित होते.


किरात समाजाचा प्रस्ताव मंत्रिमंडळासमोर आणण्याचे मुख्यमंत्र्यांचे निर्देश

भोई या जातीची तत्सम जात म्हणून किरात समाजाचा समावेश आहे. मात्र, किरात ऐवजी किरात/किराड असा समावेश भटक्या जमाती प्रवर्गात करण्यासंदर्भातील प्रस्ताव मंत्रिमंडळापुढे ठेवण्यात यावा, असे निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी आज येथे दिले.


भटक्या जमाती प्रवर्गात किरात ऐवजी किरात/किराड असा बदल करण्याच्या मागणीसंदर्भात आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या अध्यक्षतेखाली बैठक झाली. त्यावेळी यावेळी विमुक्त जाती, भटक्या जमाती, इतर मागासवर्ग, सामाजिक व आर्थिक मागास वर्ग व विशेष मागास प्रवर्ग मंत्री संजय कुटे, जलसंपदा मंत्री गिरीष महाजन, समाजाचे अध्यक्ष दिलीपसिंह सूर्यवंशी, राजेश झाडे, कोषाध्यक्ष कन्हैलाल धाकड, सचिव लक्ष्मीकांत दादुरिया, गोवर्धन बरबटे आदी उपस्थित होते.


मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस म्हणाले की, किराड समाजाची मागणी योग्य असून किरात ऐवजी किरात/किराड असा बदल करण्यासंदर्भात मंत्रिमंडळ उपसमितीपुढे विषय घेण्यात यावा. तसेच यासंबंधीची शिफारस राज्य मागासवर्ग आयोगाकडे करण्यात यावी.
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Approval to Jagadjyoti Mahatma Basaveshwar Memorial plan in Mangalvedha soon
Send proposal of Hindu Virshaiva and Lingayat Community to State Backward Class Commission- Chief Minister Devendra Fadanvis
Mumbai, July 22: Chief Minister Devendra Fadanvis today directed for sending the proposal for inclusion of Hindu Virshaiva, Hindu Lingayat and Reddy sub castes in Lingayat Community to the State Backward Class Commission. He also assured that approval to the plan for constructing Jagadjyoti Mahatma Basaveshwara Memorial at Mangalvedha will be granted soon.
Fadanvis was speaking at the meeting held at Sahyadri Guest House to discuss about various demands of Lingayat Community. Minister of VJNT, OBC, Social and Economic Backward class and Special Backward category Sanjay Kute, MoS Public Health ad Solapur Guardian Minister Vijaykumar Deshmukh and representatives of Lingayat community from various districts were present at the meeting.
Chief Minister Fadanvis said that Lingayat Reddy, Hindu Lingayat and Hindu Virshaiv are the sub castes within the Lingayat community. The proposal to include them in OBC category should immediately be sent to State Backward Class Commission. The Commission will be requested to take immediate decision on this proposal.
He also assured that immediate approval will be granted to the plan for constructing the memorial of Jagadjyoti Mahatma Basaveshwar at Mangalvedha. The memorial will have Kalyan Mandapam, statue of Mahatma Basaveshwar and a library and laser show based on his life sketch. To make this memorial carbon neutral large trees should be planted there, he suggested.
Kakasaheb Koyate, Sunil Rufari, Gurunath Badure, Shrikant Todkar, Lakshman Ulekar, Shailesh Havinale, Sarlatai Patil, Sanjay Todkar, Swastik Todkar of Lingayat community were present on this occasion.
CM directs for presenting proposal of Kirat community before cabinet
Kirat is a community like Bhoi community. However, the proposal to include Kirat/Kirad instead of only Kirat in nomadic tribes category should be placed before the cabinet, directed the Chief Minister.
       The Chief Minister chaired a meeting today in regard to the demand to change Kirat/Kirad in nomadic tribes category. Minister of VJNT, OBC, Social and Economic Backward class and Special Backward category Sanjay Kute, Water Resources Minister Girish Mahajan, President of Kirat Samaj Dilipsingh Suryavanshi, Rajesh Jhade, Treasure Kanhiyalal Dhakad, Secretary Lakshmikant Daduria, Govardhan Barbate and others were present at the meeting.
Justifying the demand of the Kirad Community Chief Minister Fadanvis said that the proposal to change Kirat/Kirad instead of only Kirat should be placed before the cabinet subcommittee and recommendation in this regard be made to state backward class commission.

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हिंदू वीरशैव और लिंगायत समाज का प्रस्ताव 
राज्य पिछड़ा आयोग के पास भेजें इस प्रस्ताव को
 - मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबई, दि. 22: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज लिंगायत समुदाय के हिंदुओं, वीरशैव, हिंदू लिंगायतों और रेड्डी इन उपजातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल करने के प्रस्ताव को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पास भेजने का निर्देश दिया। इसी तरह से मंगलवेडा में जगदज्योति महात्मा बसवेश्वर स्मारक के मसौदे को जल्द ही मंजूरी दी जाएगी, श्री फडणवीस ने यह जानकारी दी है।

            लिंगायत समाज के विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री गेस्ट हाउस में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री बोल रहे थे। इस अवसर पर

विमुक्त जाती,भटक्या जमातीअन्य पिछड़ा वर्ग, सामाजिक व आर्थिक पिछड़ा वर्ग व विशेष मागास (पिछड़ा) प्रवर्ग मंत्री संजय कुटे, सार्वजनिक स्वास्थ्य राज्यमंत्री तथा सोलापूर के पालकमंत्री विजयकुमार देशमुख सहित विभिन्न जिलों के लिंगायत समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।



            मुख्यमंत्री ने कहा कि लिंगायत रेड्डी, हिंदू लिंगायत और हिंदू वीरशैव तीनों ही लिंगायत समाज की उपजातियां हैं। इनका समावेश अन्य पिछड़ा वर्ग में करने के लिए राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पास तुरंत प्रस्ताव भेजें। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग से इस बारे में
जल्द ही निर्णय लेने के लिए अनुरोध किया जाएगा।

मंगलवेढा में जगद्ज्योति महात्मा बसवेश्वर स्मारक को स्थापित करने की मंजूरी जल्द ही हाई पॉवर कमिटी द्वारा दी जाएगी। स्मारक में कल्याण मंटप, महात्मा बसवेश्वर की मूर्ति और उनके चरित्र पर आधारित एक पुस्तकालय और लेजर शो शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह स्मारक कार्बन न्यूट्रल होना चाहिए, इसलिए यहाँ पर बड़े पेड़ लगाए जाने चाहिए।

इस बैठक में लिंगायत समाज के काकासाहेब कोयटे, सुनिल रुफारी, गुरुनाथ बडुरे, श्रीकांत तोडकर,लक्ष्मण उलेकर, शैलेश हविनाले, सरलाताई पाटील,संजय तोडकर, स्वस्तिक तोडकर आदि गणमान्य उपस्थित थे।


किरात समाज के प्रस्ताव को मन्त्रिमण्डल में पेश करने का मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश

भोई इस जाति की तत्सम जाति के रूप में किरात समाज का समावेश है। केवल किरात की बजाय किरात/किराड इस तरह का समावेश भटक्या जमाती प्रवर्ग में करने के संदर्भ में प्रस्ताव मन्त्रिमण्डल के समक्ष रखने का निर्देश  मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहाँ पर दिया है।

 भटक्या जमाती प्रवर्ग में किरात की बजाए किरात/किराड ऐसा बदलाव करने के मांग के संदर्भ में आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई थी। इस अवसर पर  विमुक्त जाती, भटक्या जमाती, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामाजिक व आर्थिक पिछड़ा वर्ग व विशेष मागास प्रवर्ग (विशेष पिछड़ा वर्ग) मंत्री संजय कुटे, जल संसाधन मंत्री गिरीष महाजन, समाज के अध्यक्ष दिलीपसिंह सुर्यवंशी, राजेश झाडे, कोषाध्यक्ष कन्हैलाल धाकड, सचिव लक्ष्मीकांत दादुरिया, गोवर्धन बरबटे  आदि गणमान्य उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा कि किराड समाज की मांग उचित है और इस मामले में किरात के बजाय किरात/किराड के जैसा बदलने करने के लिए मंत्रिमंडल की उप समिति के समक्ष पेश किया जाए। उसी तरह से इसकी सिफारिश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पास भी की जानी चाहिए। 


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