ओबीसी आरक्षणाला धक्का न लावता मराठा आरक्षणावर शिक्कामोर्तब; मुख्यमंत्र्यांकडून संबंधित प्रक्रियेतील सर्वांचे आभार

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मुंबई, दि. 27 : राज्यातील मराठा आरक्षणाच्या वैधानिकतेवर उच्च न्यायालयाने आज शिक्कामोर्तब केल्यामुळे शासनाने एक मोठी लढाई जिंकली असल्याची प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी व्यक्त केली आहे. ओबीसी आरक्षणाला धक्का न लावता मराठा समाजाला शैक्षणिक-सामाजिक आरक्षण देण्यात शासन यशस्वी झाले आहे. विधिमंडळ व न्यायालयासह या प्रक्रियेशी संबंधित सर्व घटकांचे मुख्यमंत्र्यांनी आभार मानले आहेत.

मराठा आरक्षणासंदर्भात उच्च न्यायालयाच्या निकालासंदर्भात मुख्यमंत्र्यांनी विधानसभेत निवेदन केले आहे. यावेळी मुख्यमंत्री म्हणाले, उच्च न्यायालयाने विधिमंडळाच्या कायदे तयार करण्याच्या सक्षमतेला उचलून धरले आहे. मराठा आरक्षण घटनेच्या चौकटीत टिकावे यासाठी आम्ही मागासवर्ग आयोगाचे गठन केले होते. या आयोगाने मराठा समाजाच्या मागासलेपणाचा अतिशय तपशीलवार अभ्यास करून अहवाल दिला आहे. या अहवालासह राज्य सरकारने पुरविलेली माहिती उच्च न्यायालयाने स्वीकारली आहे. अपवादात्मक आणि विशेष परिस्थितीत 50 टक्क्यांहून अधिक आरक्षण देण्याचा राज्य सरकारला अधिकार असल्याचेही उच्च न्यायालयाने स्पष्ट केले आहे.

राज्य शासनाने मराठा समाजाला 16 टक्के आरक्षण दिले होते. मात्र, उच्च न्यायालयाने आयोगाच्या अहवालाने केलेल्या अभ्यासाच्या आधारे नोकरीसाठी 13 टक्के आणि शिक्षणासाठी 12 टक्के आरक्षणाची शिफारस केली आहे. उच्च न्यायालयाच्या निर्णयावर स्थगितीची याचिकाकर्त्यांची मागणीसुद्धा न्यायालयाने नाकारली आहे. यामुळे एक मोठी लढाई आपण जिंकलो आहोत. दोन्ही सभागृहातील सदस्य, मा. उच्च न्यायालय, मागासवर्ग आयोगाचे अध्यक्ष आणि सर्व सदस्य यांचे मुख्यमंत्र्यांनी आभार मानले आहेत.

मागासवर्ग आयोगाने अल्पावधीत आपले काम पूर्ण केले. यासाठी मंत्री चंद्रकांत पाटील यांच्या अध्यक्षतेत एक समिती स्थापन करण्यात आली होती. या समितीने अतिशय उत्तम काम केले. शिवसेनेचे नेते, विरोधी पक्षाचे सर्व नेते, महाधिवक्ता, कायदेशीर बाजू मांडणारे संपूर्ण पथक, मराठा क्रांती मोर्चाचे सर्व समन्वयक आणि खासदार छत्रपती संभाजीराजे यांनी सहकार्य केल्याचेही मुख्यमंत्र्यांनी आवर्जून नमूद केले आहे.

आता आर्थिकदृष्ट्या कमकुवत घटकांना 10 टक्के आरक्षण देण्यात आल्यामुळे त्यात अल्पसंख्याक समाजासह विविध समाज घटकांचा समावेश आहे. आम्ही सारे एक देश मिळून जगतो, असेही मुख्यमंत्री शेवटी म्हणाले.


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मुख्यमंत्री की तरफ से संबंधित प्रक्रिया को लेकर सभी का आभार


ओबीसी आरक्षण को बैगर स्पर्श किए; मराठा आरक्षण पर लगी मुहर

मुंबई, दिनांक 27: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा आरक्षण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि उच्च न्यायालय ने राज्य के मराठा आरक्षण की वैधता पर आज मुहर लगाया है उच्च न्यायालय के इस फैसले से सरकार ने एक बड़ी लड़ाई जीत ली है। सरकार ने ओबीसी आरक्षण को बैगर स्पर्श किये हुए मराठा समुदाय को शैक्षणिक और सामाजिक आरक्षण मुहैया कराने में सफलता पाई है। मुख्यमंत्री ने विधानमंडल और अदालत सहित इस प्रक्रिया से संबंधित सभी घटकों का धन्यवाद किया है।

मुख्यमंत्री ने मराठा आरक्षण को लेकर उच्च न्यायालय के फैसले को लेकर विधानसभा में निवेदन किया है। अपने निवेदन में मुख्यमंत्री ने कहा, उच्च न्यायालय ने कानून बनाने के लिए विधानमंडल की क्षमता को सराहा है। हमने मराठा आरक्षण मामले को न्यायालय में बरकरार रखने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया था। इस आयोग ने मराठा समुदाय के पिछड़ेपन का बहुत विस्तृत अध्ययन किया है और इसकी रिपोर्ट सुपुर्द की है। उच्च न्यायालय ने इस रिपोर्ट के साथ राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को भी स्वीकार कर लिया है। उच्च न्यायालय ने यह भी स्पष्ट कहा है कि राज्य सरकार को असाधारण और विशेष मामलों में 50 फीसदी से अधिक आरक्षण देने का अधिकार है।

 राज्य सरकार ने मराठा समाज को 16 फीसदी आरक्षण दिया था। हालांकि, उच्च न्यायालय ने आयोग की रिपोर्ट के आधार पर नौकरियों में 13 फीसदी आरक्षण और शिक्षा के लिए 12 फीसदी आरक्षण की सिफारिश की है। उच्च न्यायालय के फैसले का स्थगन करने की याचिकाकर्ताओं की मांग को भी न्यायालय ने खारिज कर दिया है। यही कारण है कि हमने एक बड़ी लड़ाई जीत ली है। दोनों सदनों के सदस्य, माननीय उच्च न्यायालय, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष और सभी सदस्यों का मुख्यमंत्री ने धन्यवाद किया। पिछड़ा वर्ग आयोग ने अल्पावधि में अपना काम पूरा किया। इसके लिए मंत्री चंद्रकांत पाटिल की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई थी। इस समिति ने बहुत अच्छा काम किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिव सेना के नेता, विपक्ष के सभी नेता,  महाधिवक्ता, कानूनी पक्ष को रखने वाली पूरी टीम, मराठा क्रांति मोर्चा के सभी समन्वयक और सांसद छत्रपति संभाजी राजे ने अपना सहयोग दिया है।

अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 फीसदी आरक्षण दिया गया है, इसमें अल्पसंख्यक समाज और विभिन्न समाज के घटक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि हम सभी एक देश में एक साथ रहते हैं।

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Chief Minister thanks to all related people in the processes

Reservation for Maratha without affecting current OBC quota

Mumbai, २७.June.१९: Chief Minister Devendra Fadanvis has expressed the reaction that the government has won a major battle for the validity of Maratha reservation in the state today. The government has succeeded in providing educational and social reservation to the Maratha community without hurting the OBC reservation. The Chief Minister thanked to all components related to this process including the legislature and the court.

The Chief Minister has made a statement in the Legislative Assembly on the result of the High Court regarding Maratha reservation.

At this time the Chief Minister said that High Court has lifted the competence of the Legislature to make laws. Backward Class Commission has been set up to maintain the Maratha reservation in the frame of constitution. This commission has done a very detailed study of the backwardness of the Maratha community and has reported it. The High Court has accepted the information provided by the State Government with this report. The High Court has also said that the state government has the right to give more than ५० % reservation in exceptional and special cases.

The state government had given १६ % reservation to Maratha community. However, the High Court has recommended १३% reservation for jobs and १२% reservation for education based on the commission's report. The court also rejected the petitioners of the adjournment of the High Court's decision. Hence we have won a major battle. I specially thanked to Members of the both House, Chief Minister of the High Court, Chairman of Backward Class Commission and all the concerned members. The Backward Class Commission completed its work in the short run. A committee headed by Minister Chandrakant Patil was formed for this work. This committee did a great job. All the leaders of the opposition, the Advocate General, the entire team that form the legal side, all the coordinators of the Maratha Kranti Morcha and Chhatrapati Sambhaji Raje gave their valuable cooperation in this work informed Mr. Fadanvis.

He further stated that now १०% reservation for economically weaker sections is given, it includes minority community and various community groups. The Chief Minister finally said that we all live together in one country.

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