कला, साहित्य आण‍ि वैचार‍िक क्षेत्रातील महान व्यक्त‍िमत्त्वाचा अस्त; गिरीश कर्नाड यांना मुख्यमंत्र्यांची श्रद्धांजली

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मुंबई, दि. १० : नामवंत अभिनेते-दिग्दर्शक गिरीश कर्नाड यांच्या निधनाने साहित्य, कला आणि वैचारिक क्षेत्रातील एक महान व्यक्तिमत्त्व आपण गमावले आहे, अशा शब्दात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी श्रद्धांजली अर्पण केली आहे.

मुख्यमंत्री शोकसंदेशात म्हणतात, श्री. कर्नाड हे एक बहुपेडी व्यक्तिमत्त्व होते. साहित्य, चित्रपट, रंगभूमी यासह वैचारिक क्षेत्रातही त्यांचा समर्थ वावर होता. विशेषत: एक महान रंगकर्मी म्हणून त्यांचे भारतीय नाट्यक्षेत्रातील योगदान सदैव स्मरणीय असेल. ज्ञानपीठ, कालिदास सन्मान, साहित्य अकादमी, संगीत अकादमी यांच्यासह विविध प्रतिष्ठेचे पुरस्कार व नागरी सन्मानांनी झालेला गौरव हा त्यांच्या कार्याचे महत्त्व विशद करणारा आहे. ययाति, तुघलक, नागमंडल, हयवदन यासारखी नाटके आण‍ि उत्सव या चित्रपटाचे दिग्दर्शक म्हणून त्यांची विशेष ओळख होती. भारतीय पौराणिक कथांना समकालीन प्रश्नांशी जोडत त्यावर भाष्य करणारे त्यांचे लेखन केवळ समाजाच्या डोळ्यात अंजन घालणारे नव्हते तर ते विचार प्रवाहित करणारे होते. भारतीय नाट्यक्षेत्राची पुनर्रचना करणाऱ्यांमध्ये ते अग्रणी होते. ऑक्सफर्डसारख्या नामांकित विद्यापीठाचे स्कॉलर असलेल्या कर्नाड यांचा विविध सामाजिक विषयांचा मोठा अभ्यास होता.

माथेरान येथे जन्मलेल्या कर्नाड यांचा महाराष्ट्राशी अनोखा ऋणानुबंध असल्याने मराठी चित्रपटसृष्टी-रंगभूमी तसेच साहित्य क्षेत्राशीही त्यांचा निकटचा संबंध होता. जब्बार पटेल दिग्दर्शित उंबरठा चित्रपटातील त्यांची भूमिका रसिकांच्या सदैव स्मरणात राहील.


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कला, साहित्य और वैचारिक क्षेत्र में महान व्यक्तित्व का अस्त- मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि



मुंबई, दिनांक 10: प्रसिद्ध अभिनेता-निर्देशक गिरीश कर्नाड के निधन के कारण साहित्य, कला और विचारधारा के क्षेत्र में एक महान व्यक्तित्व हमने खो दिया है, इन्हीं शब्दों के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि श्री कर्नाड एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे। उन्होंने साहित्य, फिल्म और थिएटर सहित वैचारिक क्षेत्र में भी प्रभावपूर्ण और सक्षम तरीके से काम किया था। विशेष रूप से एक महान रंगकर्मी के रूप में,भारतीय रंगमंच के क्षेत्र में उनका योगदान के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। ज्ञानपीठ, कालिदास सम्मान, साहित्य अकादमी, संगीत अकादमी और विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों और नागरिक सम्मानों द्वारा मिला गौरव उनके काम के महत्व को बताता है। उन्हें विशेष रूप से ययाति, तुगलक, नागमंडल, हयवदन जैसे नाटकों और उत्सव फिल्म के निर्देशक के रूप में उनकी विशेष पहचान बनी थी। भारतीय पौराणिक कथाएँ समसामयिक मुद्दों से जोड़ते हुए उस पर टिप्पणी करने वाले लेखन केवल समाज के आंखों में काजल लगाने वाला नहीं था बल्कि विचारों को प्रवाहित करने वाला था। वे भारतीय नाटक के पुनर्गठन में अग्रणी थे। ऑक्सफोर्ड जैसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालय के स्कॉलर (विद्वान) कर्नाड का विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर बड़ा गहरा और विस्तृत अध्ययन था।

माथेरान में जन्म लेने वाले कर्नाड का महाराष्ट्र के साथ अनोखा रिश्ता था और साथ ही मराठी फिल्म उद्योग-थिएटर और साहित्य क्षेत्र से भी उनका करीबी रिश्ता था। जब्बार पटेल द्वारा निर्देशित उंबरठा फिल्म में कर्नाड के किरदार को लोगों द्वारा सदैव याद किया जाएगा।

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In art, literature and intelligentsia’s field A great personality lost- Chief Minister paid tribute



Mumbai, Date १०: Chief Minister Devendra Fadnavis has paid warm tributes to the renowned actor-director, stage and film personality, Girish Karnad. He said that we have lost a towering personality in the field of literature, arts and intelligentsia in the passing of Girish Karnad.

In his condolence message, Chief Minister said Mr. Karnad was a multi-faceted personality. He was sharp in literature, theatre and films besides being an intellectual personality straddling different fields. His contribution to Indian theater field, especially as a great theater personality, would always be remembered. Jnanpith, Kalidas Samman, Sahitya Academy, Music Academy, and various prestigious awards and civilian honors have underlined the importance of his works. He was specially known as Yayati, Tughlaq, Nagamandal, Hayawadan, and he was also known as a director of the film ‘Utsav’.

The Indian Puranic tales (mythological stories) were connected to contemporary issues, and inspired people to think on them. He was one of the pioneers in the restructuring of Indian drama. Karnad, a scholar Oxford University, had a great study of various social issues.

Born in Matheran, in Raigad district of Maharashtra, Karnad had a close relationship with Maharashtra as well as he had a close relationship with the Marathi film industry-theater and literature too. Karnad’s role in film ‘Umbartha’, which was directed by Jabbar Patel, will always be remembered by people.

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